बीकानेर में उधार पर सामान नहीं मिलने की रंजिश में एक दुकान में आग लगाने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी विज ने सुरधना चौहानान निवासी प्रेम सिंह पुत्र जगमाल सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 436 के तहत दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार परिवादी रामस्वरूप पुत्र अमाणाराम गांव में परचून, चूरी और खल की दुकान संचालित करता है। शिकायत में बताया गया कि 6 सितंबर 2024 को आरोपी ने उधार में सामान मांगा था। मना करने पर उसने दुकान को पेट्रोल डालकर जलाने की धमकी दी।
रिपोर्ट के मुताबिक उसी रात आरोपी दोबारा दुकान पर पहुंचा और शराब के लिए पैसे मांगते हुए फिर से धमकी दी। बाद में रात करीब एक बजे उसने कथित रूप से दुकान पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इस आगजनी में परिवादी को लगभग 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
- Advertisement -
पुलिस जांच के बाद आरोपी के खिलाफ आरोप-पत्र न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को साबित किया। उपलब्ध प्रमाणों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास तथा दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
