बीकानेर जिले के बज्जू स्थित उप जिला अस्पताल (एसडीएच) में राष्ट्रीय गैर संचारी रोग (एनपी-एनसीडी) कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे मरीजों की पहचान, निगरानी और उपचार की निरंतरता सुनिश्चित करना था, जो किसी कारणवश नियमित फॉलो-अप और स्वास्थ्य सेवाओं से दूर हो गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने बताया कि एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत लॉस टू फॉलो-अप (एलटीएफयू) पहल के लिए बीकानेर जिले के कोलायत और बज्जू ब्लॉक का चयन किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य गैर संचारी रोगों से पीड़ित उन मरीजों को दोबारा स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है, जिनका उपचार या फॉलो-अप बीच में रुक गया था।
प्रशिक्षण के दौरान रोगियों की समयबद्ध ट्रैकिंग, स्क्रीनिंग, उपचार अनुपालन और डेटा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों की नियमित निगरानी और उपचार की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के जिला सलाहकार महेंद्र जयसवाल ने एलटीएफयू मरीजों की पहचान, सूची तैयार करने, घर-घर संपर्क स्थापित करने और उन्हें पुनः स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गैर संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मरीजों का नियमित फॉलो-अप बेहद जरूरी है।
- Advertisement -
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) मोनिका शर्मा ने एनपी-एनसीडी पोर्टल पर डेटा प्रबंधन, रिपोर्टिंग और सामुदायिक स्तर पर रोगियों के अनुश्रवण से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कार्यक्रम के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण में एलटीएफयू मरीजों के रिकॉर्ड सत्यापन की प्रक्रिया पर भी विशेष जानकारी दी गई। स्वास्थ्यकर्मियों को बताया गया कि जिन मरीजों का फॉलो-अप पुनः शुरू हो चुका है, जिनका स्थानांतरण हो गया है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके रिकॉर्ड डुप्लीकेट हैं, उनके डेटा को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपडेट किया जा सकता है।
कार्यक्रम में ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवराज सिद्ध, एसडीएच बज्जू के पीएमओ, चिकित्सक, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहे। सभी प्रतिभागियों ने गैर संचारी रोगियों को नियमित उपचार से जोड़ने और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
