बीकानेर में हाल ही में हुई एसीबी कार्रवाई को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इसी मुद्दे पर मंगलवार को देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के नेतृत्व में आयोजित प्रेस वार्ता में कई गंभीर आरोप लगाए गए। कांग्रेस नेताओं ने एसीबी जांच के दायरे को और व्यापक करने की मांग करते हुए कुछ प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रेस वार्ता के दौरान बिशनाराम सियाग ने कहा कि बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर को जिस स्थान से एसीबी ने हिरासत में लिया था, वह फ्लैट नोखा के पूर्व विधायक बिहारी लाल विश्नोई से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि नोखा स्थित एक फर्म में जुगल किशोर के साथ बिहारी लाल विश्नोई के करीबी रिश्तेदार भी साझेदार हैं।
सियाग ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, पूर्व विधायक बिहारी लाल विश्नोई और पब्बाराम विश्नोई की कथित मिलीभगत की भी निष्पक्ष जांच की जाए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला पैसों के लेन-देन और कथित बंदरबांट से जुड़ा हो सकता है, इसलिए एसीबी को इन सभी व्यक्तियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर जांच करनी चाहिए।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बीकानेर में बड़ी कार्रवाई करते हुए बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर समेत कई लोगों को करोड़ों रुपये की संदिग्ध नकदी के साथ पकड़ा था। प्रारंभिक आरोपों के अनुसार यह राशि व्यापारियों से कथित उगाही के माध्यम से एकत्रित की गई थी।
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फिलहाल एसीबी की टीम पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों को 12 तारीख तक रिमांड पर रखा गया है, जहां उनसे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क और धन के स्रोतों की पड़ताल में जुटी हुई है।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। इस दौरान कांग्रेस नेता शिमला बावरी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, जिया उर रहमान और आनंद सिंह सोढ़ा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अब सभी की निगाहें एसीबी जांच पर टिकी हैं कि जांच एजेंसी आगे किन तथ्यों को सामने लाती है और क्या आरोपों के आधार पर जांच का दायरा और बढ़ाया जाता है।
