बीकानेर। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं और विवादों को लेकर एक बार फिर मामला गरमा गया है। हाल ही में अस्पताल में कथित मारपीट की घटनाओं के विरोध में एक प्रतिनिधि मंडल ने अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
जानकारी के अनुसार, 6 जून को माइक्रोबायोलॉजी विभाग सहित अन्य विभागों में दो अलग-अलग मामलों में मरीजों के परिजनों के साथ अस्पताल स्टाफ द्वारा मारपीट किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इस घटना को लेकर यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने कड़ा विरोध जताया है।
यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष भंवर कूकना ने इसे चिकित्सा सेवा की गरिमा के खिलाफ बताते हुए अस्पताल में अनुशासन की कमी का आरोप लगाया। वहीं एनएसयूआई जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में मरीज या उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार स्वीकार्य नहीं है और इससे अस्पताल की छवि प्रभावित होती है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि घटनाओं में शामिल कर्मचारियों की पहचान कर उन्हें तत्काल निलंबित या हटाया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और स्टाफ व्यवहार को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
- Advertisement -
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि मरीजों की जांच रिपोर्ट में देरी को समाप्त कर समय पर इलाज सुनिश्चित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
