बीकानेर के गंगाशहर स्थित बोथरा भवन परिसर में अणुव्रत विश्व भारती सोसाइटी के तत्वावधान में अणुव्रत समिति गंगाशहर द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष संकल्प लिए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत सह मंत्री मनोज छाजेड़ द्वारा पर्यावरण पर आधारित गीतिका से की गई, जबकि स्वागत उद्बोधन समिति अध्यक्ष कर्णीदान रांका ने दिया। इस दौरान दोपहर 2 से 4 बजे तक एसी बंद रखने जैसे ऊर्जा संरक्षण के संकल्प का आह्वान किया गया।
अध्यक्ष रांका ने मुनिश्री अमृत कुमार के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि अणुव्रत मानव को मानव बनाने की प्रक्रिया है और पर्यावरण संरक्षण के लिए दिए गए संकल्पों को जीवन में अपनाना आवश्यक है। उन्होंने खेजड़ी वृक्ष के महत्व का उल्लेख करते हुए इसके संरक्षण पर भी जोर दिया।
मंत्री कन्हैयालाल बोथरा ने बताया कि मुनिश्री उपशम कुमार ने अनावश्यक बिजली उपयोग कम करने और वाहनों के सीमित प्रयोग पर जोर दिया, ताकि पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
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कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. नीलिमा जैन ने कहा कि पहले वर्तमान पर्यावरण स्थिति पर चिंतन करना, फिर परिवर्तन के लिए संकल्प लेना और अंततः अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने अणुव्रत संकल्प सूत्र को पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर मूलचंद सामसूखा सहित कई पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में 100 पौधे लगाए गए तथा कपड़े के थैलों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
