बीकानेर शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी सोमवार को खुलकर सामने आ गई। नगर निगम पेट्रोल पंप के पास लंबे समय से फैली गंदगी और कचरे की समस्या का निरीक्षण करने पहुंचे नगर निगम आयुक्त को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। क्षेत्रवासियों ने निगम प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर नाराजगी जताई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही नगर निगम आयुक्त निरीक्षण के लिए मौके पर पहुंचे, स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया और वर्षों से चली आ रही समस्याओं को लेकर सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि सड़क किनारे जमा कचरे, गंदगी और दुर्गंध की शिकायतें कई बार निगम प्रशासन तक पहुंचाई गईं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
क्षेत्र के निवासियों ने आरोप लगाया कि गंदगी के कारण आसपास का वातावरण लगातार प्रदूषित हो रहा है और आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना था कि गर्मी के मौसम में बदबू और भी अधिक बढ़ जाती है, जिससे क्षेत्र में रहना मुश्किल हो जाता है।
विरोध के दौरान एक बुजुर्ग नागरिक ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में अतिक्रमण और गंदगी की समस्या को लेकर पिछले दो वर्षों से लगातार पत्र लिखे जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण स्थानीय लोगों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
- Advertisement -
निरीक्षण के दौरान एक ऐसी स्थिति भी बनी जिसने मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मौके पर फैली तीव्र दुर्गंध के कारण नगर निगम आयुक्त ने तुरंत मास्क मंगवाए। स्थानीय लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस बदबू को अधिकारी कुछ मिनट तक भी सहन नहीं कर पाए, उसी वातावरण में क्षेत्रवासी लंबे समय से रहने को मजबूर हैं।
नाराज नागरिकों ने प्रशासन से सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार करने, नियमित कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने और क्षेत्र की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग की। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो जनआंदोलन और तेज किया जा सकता है।
विरोध और तीखी बहस के बीच नगर निगम आयुक्त वहां से रवाना हो गए। जानकारी के अनुसार, उन्होंने इस दौरान मीडिया से कोई औपचारिक बातचीत नहीं की। घटना के बाद शहर में नगर निगम की कार्यशैली और सफाई व्यवस्था को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि निगम प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्षेत्र की समस्याओं का समाधान कब तक किया जाता है।
