बीकानेर। शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत स्टार्क फाउंडेशन ने इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर में इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को एआई आधारित तकनीकों और भविष्य के रोजगार अवसरों के प्रति जागरूक बनाना था।
स्टार्क फाउंडेशन के संस्थापक एवं अमेरिका प्रवासी इंजीनियर प्रद्युम्न सिंह शेखावत ने बताया कि संस्था की यह पहली पूर्ण दिवसीय कार्यशाला थी, जिसका विषय “एआई फॉर स्टूडेंट्स: फ्रॉम चैटजीपीटी टू बिल्डिंग रियल थिंग्स” रखा गया। तीन घंटे तक चले इस सत्र में कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रुमेंटेशन (EIEC) शाखा के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
उन्होंने बताया कि अब तक संस्था का शैक्षणिक कार्य मुख्य रूप से ग्रामीण और वंचित वर्गों तक सीमित था, लेकिन यह कार्यशाला इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया और एआई आधारित रोजगार बाजार के लिए तैयार करने की दिशा में एक नई शुरुआत है।
कार्यशाला के दौरान केवल एआई टूल्स की जानकारी देने तक सीमित न रहकर उनके व्यावहारिक उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को लाइव डेमो के माध्यम से पायथन प्रोग्रामिंग का उपयोग करते हुए एक स्टडी डैशबोर्ड तैयार करने की प्रक्रिया दिखाई गई, जिसमें एआई कोडिंग असिस्टेंट की भूमिका भी प्रदर्शित की गई।
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सत्र में एआई टूल्स के प्रभावी उपयोग, प्रॉम्प्टिंग तकनीकों तथा इंजीनियरिंग क्षेत्र में बदलती रोजगार आवश्यकताओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि भविष्य में तकनीकी कौशल के साथ एआई की समझ भी सफलता का महत्वपूर्ण आधार बनेगी।
संस्था की प्रतिनिधि आशिमा राठौड़ ने कहा कि भविष्य उन्हीं विद्यार्थियों का होगा जो एआई का उपयोग करने के साथ-साथ उसे सही दिशा देना भी सीखेंगे। उन्होंने युवाओं को नई तकनीकों को अपनाने और निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के संकाय सदस्यों राहुल राज चौधरी और पूजा भारद्वाज का विशेष सहयोग रहा। अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
प्रद्युम्न सिंह शेखावत ने बताया कि स्टार्क फाउंडेशन भविष्य में भी विभिन्न कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन करेगा। साथ ही संस्था ने सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों में स्वयंसेवा करने के इच्छुक विद्यार्थियों का स्वागत किया।
