बीकानेर में राजस्थान सेवानिवृत्त पुलिस कल्याण संस्थान के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में पूर्व पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने जिला कलेक्ट्रेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य के सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ नाराजगी जताते हुए उनके कथित व्यवहार को पुलिस बल के सम्मान और आत्मसम्मान के खिलाफ बताया।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित प्रदर्शन के दौरान पूर्व पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के रवैये को लेकर विरोध दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की। इस दौरान परिसर में विभिन्न नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया गया और पुलिस संगठन के सम्मान की रक्षा की बात कही गई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरिराम गहलोत ने कहा कि संबंधित मामले को लेकर पुलिस समुदाय में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री का व्यवहार संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है और इस मामले में सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
विरोध प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सहकारिता मंत्री गौतम दक को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की गई। साथ ही चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 76/2026 की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई।
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संस्थान के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि निर्धारित समयावधि में सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी 15 दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं होने पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों और आमजन के सहयोग से बड़े स्तर पर विरोध कार्यक्रम, चक्का जाम और राज्यव्यापी आंदोलन आयोजित किए जा सकते हैं।
प्रदर्शन में राजस्थान सेवानिवृत्त पुलिस कल्याण संस्थान के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे। कार्यक्रम में हरिराम गहलोत, श्रीकृष्ण मीणा, जगमालराम बिस्सू, सलावत खान, सुखदेव व्यास, अरुण आहूजा, गणेश नाथ, भंवर लाल, ओमप्रकाश चौधरी, महेंद्र तिवारी, धन्ने सिंह राठौड़, सतीश यादव, चंवर सिंह शेखावत, प्रताप सिंह, राजवीर सिंह, मनीराम यादव, भवानी सिंह, विजयदान, अनूप सिंह, बनवारी लाल, बद्री प्रसाद ओझा, भैरूसिंह राजवी, श्रवणराम विश्नोई, निरंजन शर्मा, मानसिंह, मनोहर सिंह, अयुब खान पठान, महबूब अली, हीरालाल, चंद्र प्रकाश, मेधसिंह राजपुरोहित, राधाकिशन, रामगोपाल राजपुरोहित और असगर मोहम्मद सहित बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर सरकार की आगामी प्रतिक्रिया और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है।
