बीकानेर जिले के पूगल थाना क्षेत्र स्थित रामसर छोटा गांव में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर चल रहा धरना रविवार को विवाद का कारण बन गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिस और सोलर कंपनी के सुरक्षा कर्मियों ने मिलकर धरनास्थल पर लगाया गया टेंट हटा दिया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।
ग्रामीणों के अनुसार गांव के पास बडाडा सोलर प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है, जहां डी-1 फर्म निर्माण कार्य से जुड़ी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना में बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है, जबकि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता नहीं मिल रही। इसी मांग को लेकर गांव के लोग पिछले करीब 20 दिनों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से धरना दे रहे हैं।
धरनार्थियों का आरोप है कि रविवार को पूगल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कंपनी के सुरक्षा कर्मियों के साथ मिलकर धरनास्थल पर लगा टेंट हटवा दिया। इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने इसे आंदोलन को दबाने का प्रयास बताया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की ओर से दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों को रोजगार देना कंपनी की सामाजिक जिम्मेदारी होनी चाहिए, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
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हालांकि टेंट हटाए जाने के बाद ग्रामीणों ने पुनः टेंट लगाकर अपना धरना जारी रखा। धरनार्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के संबंध में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि सोलर परियोजना में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही धरनास्थल पर हुई कथित घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
फिलहाल इस मामले में पुलिस प्रशासन और संबंधित कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दोनों पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
क्षेत्र में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय लोग प्रशासन के अगले कदम पर नजर बनाए हुए हैं।
