राजस्थान के सीमावर्ती जिलों श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर में विदेशी हथियारों की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। बीकानेर रेंज में पिछले चार माह के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई ने यह संकेत दिया है कि सीमापार से संचालित अवैध हथियार नेटवर्क लगातार सक्रिय है और विदेशी हथियार स्थानीय स्तर तक पहुंच रहे हैं।
पुलिस आंकड़ों के अनुसार बीकानेर रेंज में पिछले चार महीनों में अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े 127 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 137 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान 147 देशी हथियार और 59 विदेशी हथियार सहित कुल 206 हथियार बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 615 कारतूस, 43 मैग्जीन, एक ड्रोन और एक हॉल्स्टर भी जब्त किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विदेशी हथियारों की सप्लाई के लिए एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। जांच के दौरान पाकिस्तान समर्थित ड्रोन गतिविधियों, पंजाब आधारित तस्करी नेटवर्क और विदेशी फंडिंग से जुड़े संकेत भी मिले हैं। हथियारों के साथ-साथ नशीले पदार्थों की तस्करी भी एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
श्रीगंगानगर जिले में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। यहां चार माह के दौरान 62 मामले दर्ज किए गए और 64 हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 64 हथियार बरामद किए, जिनमें ऑस्ट्रेलिया निर्मित ग्लॉक पिस्टल, पाकिस्तान निर्मित हथियार और मैग्जीन भी शामिल हैं।
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हनुमानगढ़ जिले में 28 मामलों में 28 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और 24 हथियार जब्त किए गए। बरामद हथियारों में 11 अमेरिका निर्मित फायरआर्म्स, एक अन्य विदेशी हथियार तथा 22 मैग्जीन शामिल हैं।
बीकानेर जिले में 18 मामलों में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 19 हथियार बरामद किए गए। इनमें पांच चीन निर्मित हथियार भी शामिल हैं। वहीं चूरू जिले में 19 प्रकरणों में 28 तस्करों की गिरफ्तारी हुई तथा 21 हथियार जब्त किए गए।
हालांकि पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े स्थानीय सप्लायरों तथा छोटे स्तर के तस्करों को पकड़ने में सफलता भी मिल रही है, लेकिन इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड अब भी गिरफ्त से बाहर हैं। जांच एजेंसियां अब तक मुख्य सरगनाओं तक नहीं पहुंच सकी हैं, जिसके कारण तस्करी के नेटवर्क की जड़ें पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों की तस्करी पर रोक लगाना चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन इसके लिए लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस प्रत्येक कड़ी की गहन जांच कर रही है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में विदेशी हथियारों की बढ़ती मौजूदगी न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की आगामी कार्रवाई और नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
