शहर में नहरबंदी समाप्त हुए एक सप्ताह हो चुका है, लेकिन कई इलाकों में पेयजल समस्या अब भी बरकरार है। सर्वोदय बस्ती में हालात सबसे ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब डेढ़ महीने से क्षेत्र में पानी की भारी कमी बनी हुई है और कई बार शिकायत करने के बावजूद जलदाय विभाग समस्या दूर नहीं कर सका।
पानी की किल्लत से परेशान होकर सोमवार देर रात जनप्रतिनिधि सुभाष स्वामी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग नयाशहर टंकी पहुंचे और विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि टंकी खाली पड़ी थी। इसके बाद लोग ऊन मंडी के सामने स्थित न्यू मास्टर पंप हाउस पहुंचे और वहां धरना शुरू कर दिया।
धरने के बाद अधिकारियों ने रात में पानी सप्लाई शुरू करने का भरोसा दिया, लेकिन लोगों का आरोप है कि कुछ मिनट पानी आने के बाद सप्लाई फिर बंद हो गई। इससे नाराज क्षेत्रवासी बुधवार सुबह पांच बजे दोबारा नयाशहर टंकी पर एकत्र हुए और वहीं डटे रहे।
जनप्रतिनिधि ने बताया कि जलदाय विभाग की इंजीनियरों की टीम के साथ इलाके का घर-घर सर्वे किया गया, जिसमें अधिकांश घरों में पानी नहीं पहुंचने की बात सामने आई। उनका कहना है कि सर्दियों में भी लोगों को मोटर लगाकर पानी भरना पड़ता है, जबकि गर्मियों में स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई है।
