बीकानेर में परिवहन विभाग की वीएलटीडी योजना को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शिवराज बिश्नोई ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर वीएलटीडी की एसओपी तैयार होने तक वाहनों को एनपी प्रक्रिया से मुक्त रखने की मांग की है।
बिश्नोई ने अपने पत्र में बताया कि परिवहन विभाग द्वारा वाहनों में वीएलटीडी यंत्र लागू करने की योजना में एनपी की वेबसाइट को जोड़ा गया है, जबकि अब तक वीएलटीडी की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार नहीं हुई है। इस कारण राजस्थान के करीब 67 हजार वाहनों के एनपी नहीं बन पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एनपी नहीं बनने के चलते वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर भारी ऑनलाइन चालानों का सामना करना पड़ रहा है। पत्र में मांग की गई है कि इस योजना के तहत अब तक किए गए सभी चालानों को शून्य घोषित किया जाए और वीएलटीडी की एसओपी बनने तक वाहनों को एनपी से छूट दी जाए।
शिवराज बिश्नोई ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि राजस्थान परिवहन विभाग की अंतर जिला चेकिंग के दौरान बीकानेर और सीकर जिलों में धर्मेंद्र चौधरी, आरटीओ जयपुर की टीम द्वारा करीब 100 वाहनों को सीज किया गया है। वाहन मालिकों को चालान भरने के लिए चौमू और कोटपूतली तक जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
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उन्होंने मांग की कि पूर्व व्यवस्था की तरह बीकानेर और सीकर आरटीओ कार्यालयों में ही ऑनलाइन जुर्माना जमा करवाकर वाहनों को छोड़ा जाए, ताकि वाहन मालिकों को राहत मिल सके।
पत्र में यह आरोप भी लगाया गया कि आरटीओ द्वितीय जयपुर धर्मेंद्र चौधरी द्वारा परिवहन अधिकारियों से स्वीकृत वाहन बॉडी पर भी कार्रवाई कर मनमाने तरीके से जुर्माना वसूला जा रहा है। जबकि जिन वाहनों को संबंधित आरटीओ कार्यालयों से अनुमति मिल चुकी है, उन पर कार्रवाई करना नियमों के विरुद्ध है।
बिश्नोई ने मुख्यमंत्री से मांग की कि पूरे मामले की सीएमओ स्तर पर जांच करवाई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
