बीकानेर शहर में लंबे समय से जारी जल संकट के बीच अब राहत की उम्मीद दिखाई देने लगी है। इंदिरा गांधी नहर का पानी जिले की सीमा में प्रवेश कर चुका है और लगातार आगे बढ़ रहा है। नहरी पानी मसीतावाली हेड से आगे बढ़ते हुए अरजनसर तक पहुंच गया है, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार नहर का पानी आज बीछवाल क्षेत्र तक पहुंच सकता है, जबकि सोमवार सुबह तक इसके शोभासर जलाशय तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके बाद जलदाय विभाग को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने लगेगा और शहर में पेयजल सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगी।
अधिकारियों का कहना है कि यदि पानी की आवक इसी तरह जारी रही तो 20 मई से शहर में जलापूर्ति सुचारू हो सकती है। पिछले कई दिनों से पानी की कमी का सामना कर रहे लोगों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि विभाग ने शुरुआती दिनों में दूषित पानी आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। ऐसे में नागरिकों को पानी उपयोग में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
जलदाय विभाग की ओर से जलाशयों और पाइपलाइन सिस्टम को स्थिर करने का काम भी साथ-साथ किया जाएगा, ताकि नियमित और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति जल्द शुरू की जा सके। फिलहाल विभाग स्टॉक में उपलब्ध पानी से सप्लाई बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।
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इसी बीच जिला कलेक्टर निशांत जैन ने शोभासर जलाशय पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और नहर के पानी की आवक की समीक्षा की। विभागीय अधिकारियों के अनुसार बीछवाल जलाशय में देर रात तक पानी पहुंच सकता है, जबकि शोभासर जलाशय में अगले दो दिनों में पानी आने की संभावना है। इस दौरान आईजीएनपी और जलदाय विभाग के अधिकारी लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पुरोहित भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे।
दूसरी ओर जल संकट के बीच पानी की कालाबाजारी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन द्वारा पानी के टैंकर का किराया 105 रुपए निर्धारित किया गया था, लेकिन कई क्षेत्रों में एक टैंकर के लिए एक हजार रुपए तक वसूले जाने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्धारित दर से कई गुना अधिक कीमत ली जा रही है, लेकिन अब तक किसी भी टैंकर संचालक पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
