बीएड विद्यार्थियों के हित में विश्वविद्यालय प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए परीक्षा केंद्रों में बदलाव किया है। दो वर्षीय और चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भीषण गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से उनके गृह स्थान के नजदीक परीक्षा केंद्र उपलब्ध करवाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश पीटीईटी परीक्षा के माध्यम से होता है और काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों को अलग-अलग शहरों के कॉलेज आवंटित किए जाते हैं। ऐसे में कई विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता है।
वर्तमान में प्रदेशभर में पड़ रही तेज गर्मी और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वास्थ्य संबंधी प्रमाण पत्रों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु की स्वीकृति से यह निर्णय लिया गया। इसके तहत विद्यार्थियों को उनके निवास स्थान के समीप परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने की सुविधा प्रदान की गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार 14 मई 2026 से शुरू होने वाली दो वर्षीय बीएड परीक्षा के लगभग 230 विद्यार्थियों के परीक्षा केंद्र बदले गए हैं। वहीं इससे पहले चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम के 35 से 40 विद्यार्थियों के परीक्षा केंद्र भी स्थानांतरित किए जा चुके हैं।
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विश्वविद्यालय ने बताया कि यह सुविधा पिछले कई वर्षों से लगातार दी जा रही है ताकि विद्यार्थी भीषण गर्मी और लंबी यात्रा की परेशानी से बच सकें। इससे परीक्षार्थियों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में परीक्षा देने में आसानी होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों की सुविधा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है, जिससे वे बिना किसी परेशानी के अपनी परीक्षाओं में शामिल हो सकें।
