बीकानेर रेंज में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर बुधवार को रेंज स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एडीजी संजीब कुमार नार्जरी और ओमप्रकाश ने की। इसमें बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों के पुलिस अधीक्षक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में एडीजी ने नए कानूनी प्रावधानों के तहत 60 और 90 दिनों में निस्तारित किए जाने वाले मामलों की समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लंबे समय से फरार या विदेश भाग चुके हार्डकोर अपराधियों के मामलों में बीएनएसएस की धारा 356 के तहत ‘ट्रायल इन एब्सेंटिया’ प्रक्रिया अपनाकर शीघ्र आरोप पत्र पेश करने को कहा गया।
उन्होंने पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित मामलों की अलग से समीक्षा कर उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए। एडीजी ने कहा कि रेंज में लंबित मामलों का प्रतिशत पुलिस मुख्यालय द्वारा तय मानकों से अधिक है, जिसे घटाकर 10 प्रतिशत से नीचे लाना जरूरी है।
बैठक में मालखानों में पड़े जब्त वाहनों और अन्य सबूतों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया। वहीं एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए गए।
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बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों में ड्रोन के जरिए हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी को गंभीर चुनौती बताते हुए अधिकारियों को विशेष रणनीति तैयार करने को कहा गया। ड्रोन ड्रॉपिंग के समय, मौसम और स्थान के पैटर्न का अध्ययन कर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा सीमा क्षेत्र के प्रमुख मार्गों और भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने तथा बंद पड़े कैमरों को जल्द चालू करवाने पर भी जोर दिया गया। सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में हथियार तस्करी, गैंग गतिविधियों और फिरौती कॉल जैसे मामलों में जिलों के बीच बेहतर सूचना आदान-प्रदान और खुफिया तंत्र मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
इस दौरान एसपी मृदुल कच्छावा, हरीशंकर, नरेन्द्र सिंह मीणा, निश्चय प्रसाद एम, अनुष्ठा कालिया और सौरभ तिवाड़ी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
