बीकानेर जिले में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला एवं सेशन न्यायाधीश के निर्देशन में किया गया।
लोक अदालत का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मांडवी राजवी ने किया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, बैंक और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 16 बेंचों का गठन किया गया, जिनमें दीवानी, फौजदारी (समझौता योग्य), मोटर वाहन दुर्घटना दावा प्रकरण, पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण, विद्युत, स्थायी लोक अदालत तथा राजस्व से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई।
लोक अदालत के माध्यम से कई मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया गया, जिससे पक्षकारों को त्वरित और सुलभ न्याय प्राप्त हुआ। इस प्रक्रिया में समय और धन दोनों की बचत हुई।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मांडवी राजवी ने सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार जताया। साथ ही उन्होंने अपील की कि भविष्य में भी अधिक से अधिक लोग लोक अदालतों का लाभ उठाएं।
लोक अदालत के दौरान पारिवारिक न्यायालय संख्या-2 में चल रहा एक मामला भी आपसी सहमति से निपटाया गया। रवीना बनाम सुनील जावा (मामला संख्या 1084/2025) में दोनों पक्षों ने समझौता कर विवाद समाप्त कर दिया।
इस मामले में प्रार्थी पक्ष की ओर से अधिवक्ता पारुल रंगा और अप्रार्थी पक्ष की ओर से अधिवक्ता दीपक वर्मा ने पैरवी की। लोक अदालत सदस्य कुलदीप जनसेवी की भूमिका भी सराहनीय रही।
न्यायालय ने इस समझौते की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समाधान समाज में आपसी सौहार्द और पारिवारिक संबंधों को मजबूत करते हैं।
