बीकानेर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाई में अधिक लचीलापन मिलेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने नए आदेश जारी कर छात्रों को चौथा ऐच्छिक विषय चुनने की अनुमति दी है। इस नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थी अपनी स्ट्रीम के अलावा अन्य विषय भी ले सकेंगे, हालांकि यह स्कूल में विषय और शिक्षक की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
शिक्षा विभाग के मुताबिक यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लिया गया है, ताकि विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार विषय चुनने का अवसर मिल सके। नए नियमों के अनुसार अब छात्र 4 ऐच्छिक विषयों के साथ अंग्रेजी को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ सकेंगे। पहले छात्रों को 3 ऐच्छिक और 2 अनिवार्य विषय लेने होते थे, लेकिन पुरानी व्यवस्था का विकल्प भी जारी रहेगा।
निर्देशों में कहा गया है कि जिन स्कूलों में संबंधित विषय और शिक्षक उपलब्ध होंगे, वहां छात्र अपनी स्ट्रीम से बाहर के विषय भी चौथे ऐच्छिक विषय के रूप में चुन सकेंगे। उदाहरण के लिए छात्र गणित, अर्थशास्त्र, जीव विज्ञान या हिंदी जैसे विषय ले सकेंगे। वहीं, कंप्यूटर साइंस विषय स्वीकृत नहीं होने पर भी छात्र इसे चुन सकते हैं, यदि स्कूल में कंप्यूटर अनुदेशक उपलब्ध हो।
