साल 2026 की शनि जयंती ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद विशेष मानी जा रही है। 16 मई को ग्रहों की ऐसी दुर्लभ स्थिति बनेगी, जिसे ज्योतिष शास्त्र में केदार योग कहा जाता है। माना जा रहा है कि करीब 50 वर्षों बाद बनने वाला यह संयोग कई राशियों के लिए भाग्योदय का कारण बन सकता है।
ज्योतिष के अनुसार जब सातों ग्रह कुंडली के सात अलग-अलग घरों में स्थित होते हैं, तब केदार योग बनता है। शनि जयंती के दिन इस योग का बनना विशेष फलदायी माना जाता है। शनि देव को कर्म और न्याय का देवता कहा जाता है, इसलिए इस दौरान किए गए शुभ कार्यों का सकारात्मक प्रभाव कई गुना बढ़ सकता है।
मेष राशि के जातकों को करियर और आर्थिक मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं और पैतृक संपत्ति से फायदा मिल सकता है। सिंह राशि वालों के लिए व्यापार और निवेश के लिहाज से यह समय अनुकूल माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ने और पुराने कर्ज से राहत मिलने की संभावना है।
वृश्चिक राशि के लोगों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और नौकरी या शिक्षा से जुड़े नए अवसर मिल सकते हैं। वहीं कुंभ राशि पर इस योग का सबसे अधिक प्रभाव माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बनने, कानूनी मामलों में राहत और परिवार में सुख-शांति के योग बन रहे हैं।
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शनि जयंती पर शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना, काले तिल और उड़द का दान करना शुभ माना गया है। साथ ही ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
