श्रीगंगानगर/बीकानेर संभाग से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा तंत्र को हिला कर रख दिया है। यहां एक अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स सिंडिकेट ने पुलिस व्यवस्था में ही सेंध लगा दी। जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) सेल में तैनात हवलदार मंगतराम पर तस्करों से मिलीभगत के आरोप लगे हैं, जिसके चलते उसे निलंबित कर दिया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी हवलदार ने पाकिस्तानी तस्करों और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के साथ साठगांठ कर ली थी। वह न केवल पुलिस की गोपनीय सूचनाएं लीक कर रहा था, बल्कि ड्रोन के जरिए सीमा पार से गिराई जा रही हेरोइन की खेप को सुरक्षित पहुंचाने में भी मदद कर रहा था।
यह खुलासा तब हुआ जब पुलिस और सीआईडी की संयुक्त टीम ने रावला थाना क्षेत्र में 26 मार्च को एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस दौरान चक 7-8 एसकेएम क्षेत्र में ड्रोन से गिराई गई 10 किलो 830 ग्राम हेरोइन बरामद की गई और पंजाब के फाजिल्का के पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
ऑपरेशन के दौरान तकनीकी सहायता के लिए CDR सेल से कॉल डिटेल और लोकेशन की जानकारी ली जा रही थी, लेकिन आरोप है कि हवलदार मंगतराम ने जानबूझकर गलत सूचनाएं देकर पुलिस टीम को गुमराह किया, ताकि मुख्य आरोपी बच निकलें।
- Advertisement -
लगभग 35 दिनों तक चली आंतरिक जांच और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड की जांच में यह स्पष्ट हो गया कि मंगतराम का तस्करों से सीधा संपर्क था और वह लगातार उन्हें पुलिस की गतिविधियों की जानकारी दे रहा था।
पुख्ता सबूत मिलने के बाद हरिशंकर यादव (पुलिस अधीक्षक) ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामले की विभागीय जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीर शर्मा को सौंपी गई है।
यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है, क्योंकि एक ओर सीमा सुरक्षा बल और एंटी-नारकोटिक्स एजेंसियां ड्रोन तस्करी रोकने में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर अंदरूनी स्तर पर ही इस तरह की साठगांठ सामने आना चिंताजनक है।
पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उसे सेवा से बर्खास्त करने के साथ-साथ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने की भी संभावना जताई जा रही है।
