बीकानेर में करीब छह साल पुराने सड़क हादसे से जुड़े मामले में घायलों को आखिरकार न्याय मिला है। मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश Anwar Ahmed Chauhan ने पांच शिक्षकों को कुल 31 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश सुनाया है। इसके साथ ही दावा प्रस्तुत करने की तारीख से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देने के निर्देश दिए गए हैं।
2019 में हुआ था हादसा
यह दुर्घटना 29 जुलाई 2019 को हुई थी, जब कुछ शिक्षक स्कूल की छुट्टी के बाद लूणकरणसर से बीकानेर लौट रहे थे। सभी एक ही वाहन में सवार थे। दोपहर करीब 1:30 बजे NH-62 पर सुरनाणा के पास पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार बस ने उनके वाहन को टक्कर मार दी।
हादसे में हरजीत कौर, नवरतन पुरोहित, गिरीराज दाधीच, सतीश भाटी और संजीव पारीक सहित अन्य लोग घायल हो गए थे। इनमें कुछ को गंभीर चोटें आई थीं।
कोर्ट ने तय किया मुआवजा
मामले की सुनवाई के दौरान दुर्घटना के हालात, चोटों की गंभीरता और आर्थिक नुकसान का विस्तृत आकलन किया गया। इसके आधार पर अधिकरण ने पीड़ितों को अलग-अलग मुआवजा राशि निर्धारित की।
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हरजीत कौर को 5.15 लाख रुपये, नवरतन पुरोहित को 1.42 लाख रुपये, गिरीराज दाधीच को 3.03 लाख रुपये, सतीश भाटी को 8.49 लाख रुपये और संजीव पारीक को 12.80 लाख रुपये देने के आदेश दिए गए। कुल मिलाकर यह राशि 31 लाख रुपये से अधिक बनती है।
जिम्मेदारी तय
अधिकरण ने इस मामले में बस चालक प्रेमकुमार, वाहन के रजिस्टर्ड मालिक रामस्वरूप, मुख्त्यार मालिक सुदेश कुमार और United India Insurance Company Limited को संयुक्त रूप से मुआवजा भुगतान के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद राहत
घायल शिक्षकों की ओर से अधिवक्ता ओम बिश्नोई द्वारा दावा पेश किया गया था। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अब पीड़ितों को राहत मिली है।
यह फैसला सड़क हादसों के मामलों में पीड़ितों के अधिकारों और मुआवजे की प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
