बीकानेर में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। Bikaner Police ने अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ देशभर में करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी के मामले दर्ज हैं।
अभियान के तहत हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई “म्यूल हंटर” अभियान के तहत की गई, जो साइबर अपराधों पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक Mridul Kachhawa के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चक्रवर्ती सिंह राठौड़ के निर्देशन में साइबर थाना टीम ने संयुक्त ऑपरेशन को अंजाम दिया।
टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी शालिनी बजाज ने किया। कार्रवाई के दौरान सचिन बिश्नोई (24) निवासी गजेबाला और साहिल खान (25) निवासी सुभाषपुरा को गिरफ्तार किया गया।
ठगी का तरीका
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” और निवेश के नाम पर डराकर या लालच देकर ठगी करते थे। वे पीड़ितों से पैसे अलग-अलग बैंक खातों में डलवाते और फिर चेक के माध्यम से रकम निकाल लेते थे।
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इन खातों में कई ऐसे खाते भी शामिल थे, जो कमीशन पर लिए गए थे। आरोपी इस पूरे नेटवर्क में लगभग 10 प्रतिशत तक कमीशन लेते थे।
देशभर में फैला नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी के कई मामले दर्ज हैं, जिनमें बड़ी संख्या “डिजिटल अरेस्ट” जैसे मामलों की है।
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
मामला दर्ज, जांच जारी
इस पूरे प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच का जिम्मा पुलिस अधिकारी रमेश कुमार सर्वटा को सौंपा गया है।
कार्रवाई में सीआई रमेश सर्वटा, एएसआई ओमप्रकाश, कांस्टेबल सुभाष, सत्यनारायण और सूचना सहायक जया सोनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आएं। अपनी बैंकिंग और निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराए।
