बीकानेर में आपदा प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियों की जांच के लिए एक बड़ी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। सुबह 9 बजकर 2 मिनट पर जैसे ही सायरन बजा, शहर में अचानक हलचल तेज हो गई। राह चलते लोग कुछ देर के लिए घबरा गए और एक-दूसरे से संपर्क कर स्थिति की जानकारी लेने लगे।
दरअसल, इस अभ्यास के तहत एयर स्ट्राइक जैसी आपात स्थिति का परिदृश्य तैयार किया गया था, जिससे पूरा प्रशासनिक तंत्र तुरंत अलर्ट हो गया। मॉक ड्रिल के दौरान बीछवाल स्थित Indian Oil Corporation के बॉटलिंग प्लांट में हमले और विस्फोट की काल्पनिक सूचना दी गई, जिसके बाद आग लगने की स्थिति भी बनाई गई।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां तेजी से श्रीगंगानगर रोड स्थित प्लांट की ओर रवाना हुईं। पहले से खुले गेट के कारण फायर ब्रिगेड बिना किसी देरी के अंदर पहुंच सकी।
इस अभ्यास में बीछवाल और मुरलीधर व्यास नगर के फायर स्टेशनों से भी दमकल वाहनों को भेजा गया। अधिकारियों ने सूचना मिलने से लेकर घटनास्थल तक पहुंचने में लगे समय का बारीकी से मूल्यांकन किया। इसका मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति में प्रतिक्रिया क्षमता और संसाधनों की तत्परता को परखना था।
