बीकानेर जिले के सेरूणा थाना क्षेत्र में कॉलोनी विकसित करने के नाम पर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। टैऊ निवासी एक व्यक्ति ने प्रॉपर्टी कारोबारी पर 25 लाख 54 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए पुलिस में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
इकरारनामों के आधार पर हुआ समझौता
प्रार्थी श्रीराम पुत्र कानाराम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि गांव टैऊ निवासी आसूराम पुत्र सूगना राम सांसी प्रॉपर्टी और कॉलोनी विकास का कार्य करता है। आरोप है कि आरोपी ने अपनी पत्नी कमला देवी के नाम दुसारणा पिपांसरिया के पास स्थित खातेदारी कृषि भूमि को आवासीय में परिवर्तित कर कॉलोनी विकसित करने का प्रस्ताव दिया।
परिवादी के अनुसार 15 नवंबर 2024, 27 नवंबर 2024 और 27 सितंबर 2025 को आपसी सहमति से इकरारनामे किए गए। आरोपी ने कॉलोनी विकास का खर्च उठाने और पट्टे जारी कराने सहित कार्यालयी प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी लेने की बात कही।
25 लाख से अधिक का निवेश
रिपोर्ट में बताया गया है कि कॉलोनी के समतलीकरण, विकास कार्य, रजिस्ट्री और अन्य खर्चों के नाम पर परिवादी ने कुल 25 लाख 54 हजार रुपये लगाए। आरोप है कि आरोपी ने अपने परिजनों के नाम से भूमि के हिस्सों की रजिस्ट्रियां करवा लीं और आवासीय रूपांतरण आदेश भी जारी करवा दिए।
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रूपांतरण प्रक्रिया पर उठे सवाल
शिकायत में यह भी कहा गया है कि बाद में जानकारी मिली कि संबंधित भूमि राजस्व रिकॉर्ड में कटाणी रास्ते से जुड़ी नहीं है और न ही आबादी क्षेत्र से सटी हुई है। जबकि राजस्थान भू-राजस्व रूपांतरण नियम, 2007 के तहत खातेदारी कृषि भूमि का आवासीय रूपांतरण तभी संभव है जब वह निर्धारित शर्तों को पूरा करती हो।
परिवादी का आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर मिलीभगत से फर्जी या नियम विरुद्ध रूपांतरण आदेश जारी करवाए गए।
भुगतान टालने और धमकी का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार जब परिवादी ने निवेश की गई राशि वापस मांगी तो आरोपी ने पहले टालमटोल की। 18 नवंबर 2025 को पंच-पंचायती में 31 दिसंबर 2025 तक राशि लौटाने पर सहमति बनी। बाद में 26 जनवरी 2026 की नई तारीख तय हुई, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
27 जनवरी 2026 को दोबारा तकाजा करने पर आरोपी द्वारा पैसे देने से इनकार करने और झूठे एससी/एसटी प्रकरण में फंसाने की कथित धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
सेरूणा थाना पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। दस्तावेजों और इकरारनामों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
