रेलवे के नए रिफंड नियम: पूरी जानकारी, प्रमुख बदलाव और कटौती की पूरी सूची
भारतीय रेलवे ने टिकट रद्द करने और रिफंड देने की प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने के लिए कई प्रावधान तय किए हैं। अक्सर यात्री यह नहीं समझ पाते कि किस टिकट पर कितनी कटौती होगी और किन परिस्थितियों में पूरा पैसा वापस मिल सकता है। नए नियमों की सही जानकारी रखने से अनावश्यक आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है। नीचे रेलवे के वर्तमान रिफंड नियमों की विस्तृत और स्पष्ट जानकारी दी जा रही है।
ट्रेन रद्द होने या अधिक लेट होने पर पूरा रिफंड
रेलवे कुछ विशेष परिस्थितियों में बिना किसी कटौती के पूरा किराया वापस करता है।
1. ट्रेन रद्द होने पर
यदि किसी कारणवश ट्रेन रद्द हो जाती है, तो यात्रियों को टिकट का पूरा पैसा लौटाया जाता है।
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ई-टिकट का रिफंड ऑटोमैटिक वापस आ जाता है।
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काउंटर टिकट के लिए स्टेशन पर जाकर रिफंड का दावा करना होता है।
2. ट्रेन 3 घंटे से अधिक लेट होने पर
यदि रेलवे आधिकारिक रूप से ट्रेन को 3 घंटे से ज्यादा देरी से चलने की घोषणा करता है, तो यात्री टिकट रद्द करा कर 100 प्रतिशत रिफंड पा सकते हैं।
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ई-टिकट के लिए टीडीआर फाइल करना आवश्यक है।
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काउंटर टिकट स्टेशन पर जमा कर रद्द किए जाते हैं।
तत्काल टिकट रिफंड नियम
तत्काल टिकट पर रेलवे के नियम अन्य श्रेणियों की तुलना में अधिक सख्त होते हैं।
1. कंफर्म तत्काल टिकट
कंफर्म तत्काल टिकट पर किसी प्रकार का रिफंड नहीं मिलता।
2. वेटिंग तत्काल टिकट
यदि तत्काल टिकट वेटिंग में है, तो इसे सामान्य वेटिंग टिकट की तरह माना जाता है और 60 रुपये क्लर्केज शुल्क काटकर रिफंड दिया जाता है।
आरएसी और वेटिंग टिकट रिफंड नियम
आरएसी और वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को कुछ राहत मिलती है।
1. ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक
आरएसी या वेटिंग टिकट ट्रेन के प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक रद्द कराने पर पूरा पैसा वापस मिलता है।
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केवल 60 रुपये क्लर्केज शुल्क काटा जाता है।
2. ई-टिकट वेटिंग रहने पर
चार्ट तैयार होने के बाद यदि ई-टिकट वेटिंग में ही रह जाता है, तो वह टिकट ऑटो कैंसिल माना जाता है और रिफंड स्वतः खाते में आ जाता है।
कंफर्म टिकट पर कटौती के नियम
ट्रेन छूटने से 48 घंटे पहले तक रद्द करने पर रेलवे अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार निश्चित शुल्क काटता है।
48 घंटे से पहले रद्द करने पर कटौती
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एसी फर्स्ट और एग्जीक्यूटिव क्लास: 240 रुपये
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एसी 2 टियर, एसी 3 टियर और एसी इकॉनमी: 190 रुपये
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स्लीपर क्लास: 120 रुपये
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सेकंड क्लास: 60 रुपये
48 से 12 घंटे पहले
किराए का 25 प्रतिशत काटा जाता है।
12 से 4 घंटे पहले
किराए का 50 प्रतिशत काटा जाता है।
4 घंटे से कम समय शेष
ट्रेन के निर्धारित समय से 4 घंटे पहले तक टिकट रद्द नहीं कराने पर कोई रिफंड नहीं मिलता।

