बीकानेर। राजस्थान में प्लाटून कमांडर सीधी भर्ती परीक्षा 2025 और अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की तिथियों के टकराव के चलते माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के टाइम टेबल में आंशिक संशोधन किया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, 22 नवंबर को होने वाली सभी परीक्षाएं अब 2 दिसंबर को आयोजित की जाएंगी।
भर्ती परीक्षा के कारण टला 22 नवंबर का एग्जाम
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर द्वारा प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा का आयोजन 22 नवंबर 2025 को राज्यभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है, जिसके कारण शिक्षा विभाग ने टकराव से बचने के लिए यह निर्णय लिया।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने संशोधित टाइम टेबल जारी करते हुए बताया कि 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की हिंदी सहित सात विषयों की परीक्षाएं, जो पहले 22 नवंबर को दोनों पारियों में निर्धारित थीं, अब 2 दिसंबर को ली जाएंगी। हालांकि, परीक्षा के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
20 नवंबर से शुरू होंगी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं
राज्यभर में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं 20 नवंबर से प्रारंभ होंगी। इसको लेकर शिक्षा निदेशालय ने सभी संयुक्त निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश भेज दिए हैं।
18 नवंबर तक सभी विद्यालयों में प्रश्नपत्र पहुंचा दिए जाएंगे। निजी स्कूलों के प्रश्नपत्र राजकीय विद्यालयों में रखे जाएंगे और प्रतिदिन परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले निजी विद्यालयों को दिए जाएंगे, ताकि परीक्षा व्यवस्था पारदर्शी और समयबद्ध रहे।
राष्ट्रीय जंबूरी में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था
भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी 23 से 29 नवंबर तक लखनऊ में आयोजित की जाएगी। इस आयोजन में राजस्थान के कई विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे विद्यार्थियों की अर्द्धवार्षिक, वार्षिक और प्रायोगिक परीक्षाएं जंबूरी के बाद विद्यालय स्तर पर अलग से आयोजित की जाएंगी।
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बार-बार परीक्षा तिथियों के टकराव पर उठे सवाल
यह पहली बार नहीं है जब स्कूल परीक्षाओं की तिथियां प्रतियोगी परीक्षाओं से टकराई हैं। पिछले कुछ वर्षों में भी ऐसी स्थितियां कई बार सामने आई हैं। शिक्षा विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि राज्य में एक “राजस्थान परीक्षा नियामक बोर्ड” का गठन किया जाए, जो विभिन्न विभागों की परीक्षा तिथियों का समन्वय करे, ताकि भविष्य में इस तरह की परीक्षा तिथि टकराव की समस्या से बचा जा सके।
