बीकानेर। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक, प्रशासनिक और तकनीकी समस्याओं को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए 21 सूत्रीय मांग पत्र कुलपति को सौंपा और चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
एबीवीपी प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में पारदर्शिता की कमी और प्रशासनिक लापरवाही से विद्यार्थियों को भारी नुकसान हो रहा है। संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय “रिवोल्यूशन” के नाम पर विद्यार्थियों से शुल्क वसूल रहा है, लेकिन सुविधाएं नहीं दी जा रहीं। इसके अलावा, छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच किए बिना विद्यार्थियों को फेल किया जा रहा है, और कई परीक्षाओं में गलत प्रश्नपत्र बांटे गए।
परीक्षा नियंत्रक को हटाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि वर्तमान परीक्षा नियंत्रक को तत्काल हटाया जाए और उसकी जगह निष्पक्ष अधिकारी की नियुक्ति की जाए। साथ ही, ईआरपी पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर करने और परीक्षा परिणामों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
छात्रों की प्रमुख मांगें
एबीवीपी की ओर से कुलपति को सौंपे गए 21 सूत्रीय ज्ञापन में कई अहम बिंदु शामिल रहे—
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विलंबित सत्रों को समय पर प्रारंभ किया जाए।
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परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
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ईआरपी पोर्टल की समस्याओं को शीघ्र दूर किया जाए।
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विश्वविद्यालय परिसर में वाई-फाई सुविधा और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
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खेल प्रतियोगिताओं में निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए।
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एलएल.एम. प्रवेश पुनः प्रारंभ किया जाए और बी.ए.-एलएल.बी. छात्रों के लिए नियमित मूक कोर्ट आयोजित किए जाएं।
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छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाया जाए।
10 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो हड़ताल की चेतावनी
एबीवीपी के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 10 दिनों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो विद्यार्थी परिषद हड़ताल और विश्वविद्यालय बंद आंदोलन की राह अपनाएगी।
आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष हरीश सहारण, प्रांत विश्वविद्यालय सह-संयोजक रेवंत सिंह राठौड़, छात्र नेता राकेश गोदारा, प्रांत सोशल मीडिया सह-संयोजक आदित्य व्यास, महानगर सह-मंत्री भागीरथ गोदारा, योगेंद्र सोलंकी, छात्रा प्रतिनिधि शालू गहलोत, प्रियंका, सानिया पंवार, भरत सारस्वत, दिनेश चौधरी और अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
एबीवीपी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा करना है और यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगों की अनदेखी की, तो आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर पर ले जाया जाएगा।
