नोखा में पुलिस का सख्त अभियान: बिना वेरिफिकेशन रह रहे 40 से अधिक प्रवासी कारीगर हिरासत में
बीकानेर/नोखा। जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर के निर्देश पर नोखा पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना पुलिस वेरिफिकेशन रह रहे प्रवासी कारीगरों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
सीओ हिमांशु शर्मा की अगुवाई में गठित पांच विशेष पुलिस टीमों ने नोखा के विभिन्न हिस्सों में एक साथ छापामार कार्रवाई की। इस दौरान सोने-चांदी की दुकानों पर काम कर रहे बंगाली कारीगरों को चिन्हित किया गया और 40 से अधिक संदिग्ध प्रवासी मजदूरों को हिरासत में लिया गया।
बिना पुलिस सत्यापन के रह रहे थे प्रवासी कारीगर
पुलिस ने इन सभी को एक बस में बैठाकर थाने लाया, जहां उनके आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रवासियों ने नोखा पते पर आधार कार्ड बनवाकर खुद को स्थानीय दर्शाने की कोशिश की है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इनमें से कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों के सहारे स्थानीय पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे।
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अब ज्वेलर्स पर भी कार्रवाई की तैयारी
सीआई अरविंद भारद्वाज, एसआई सुरेश भादू, और एएसआई राजूराम के नेतृत्व में काम कर रही पुलिस टीम अब उन स्थानीय ज्वेलर्स और मकान मालिकों की पहचान कर रही है जिन्होंने बिना वेरिफिकेशन प्रवासी मजदूरों को अपनी दुकानों या घरों में रखा हुआ है।
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि ऐसे ज्वेलर्स और नागरिकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई से इलाके में हलचल, कई प्रवासी भूमिगत
नोखा में इस कार्रवाई की खबर फैलते ही कुछ बंगाली कारीगर भूमिगत हो गए हैं। इससे साफ है कि इलाके में बिना वैध दस्तावेजों के काम कर रहे मजदूरों की संख्या अधिक हो सकती है।
पुलिस का यह अभियान जिले की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला पुलिस की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि कोई भी व्यक्ति यदि बिना पुलिस वेरिफिकेशन के प्रवासी मजदूरों को अपने संस्थान, दुकान या घर में रखता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से किसी भी बाहरी व्यक्ति को रखने से पहले पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य है।
