सीमा पर बढ़ेगी पुलिस चौकसी, नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई
बीकानेर। पाकिस्तान से आ रही नशे की खेप युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रही है। इस खतरे को रोकने के लिए पुलिस अब सीमावर्ती गांवों पर विशेष फोकस कर रही है। सरहदी थाना इलाकों में पुलिस गश्त, निगरानी और नाकाबंदी को नियमित किया जाएगा। इसके अलावा, गांवों में गुप्तचर तैयार किए जाएंगे, जो नशा तस्करों और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देंगे।
सीमावर्ती पुलिस चौकियां होंगी हाईटेक
पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश में 17 एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स चौकियां खोलने की योजना बनाई है, जिसमें बीकानेर भी शामिल है। सीमावर्ती पुलिस चौकियों को मजबूत करने के लिए पुलिस अधीक्षक और आईजी ने थानों व चौकियों का रिव्यू किया है। सीमा क्षेत्र में बंद पड़ी पुलिस चौकियों को फिर से सक्रिय किया जाएगा।
बंद पड़ी चौकियों को फिर से शुरू किया जाएगा
खाजूवाला, दंतौर और छतरगढ़ थाना क्षेत्रों में पहले भी नशा तस्करी रोकने के लिए पुलिस चौकियां बनाई गई थीं, लेकिन स्टाफ और संसाधनों की कमी के कारण इनमें से नौ में से पांच चौकियां बंद हो चुकी हैं। अब इन चौकियों को फिर से चालू करने और संसाधनों से लैस करने की योजना बनाई जा रही है।
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नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
जिला पुलिस के अनुसार, 2025 के पहले दो महीनों में मादक पदार्थ तस्करी के 73 मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 49 मामले सामने आए थे। 2022 में यह संख्या केवल 27 थी। पुलिस ने डोडा-पोस्त, गांजा, अफीम और स्मैक बरामद की है।
पुलिस चौकियों को और मजबूत किया जाएगा
पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने बताया कि जिले के छह थाना क्षेत्रों की नौ पुलिस चौकियों को साधन-संपन्न बनाया जाएगा। स्टाफ और संसाधनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। बॉर्डर इलाकों में थानों को नियमित रूप से रात में गश्त और नाकाबंदी के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, सरहदी गांवों में गुप्तचर तैयार किए जाएंगे, ताकि नशा कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
