Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Reading: 400 साल बाद भीमथड़ी घोड़े की नई नस्ल प्रमाणित, शिवाजी महाराज की विरासत पुनर्जीवित
Share
Aa
Aa
Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Search
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Follow US
Khabar21 > Blog > बीकानेर > 400 साल बाद भीमथड़ी घोड़े की नई नस्ल प्रमाणित, शिवाजी महाराज की विरासत पुनर्जीवित
बीकानेर

400 साल बाद भीमथड़ी घोड़े की नई नस्ल प्रमाणित, शिवाजी महाराज की विरासत पुनर्जीवित

editor
editor Published January 19, 2025
Last updated: 2025/01/19 at 12:16 PM
Share
Bhimthadi Horse Recognized After 400 Years, Reviving Shivaji Maharaj's Legacy
SHARE
Chat on WhatsApp
Share News

400 साल बाद मिला भीमथड़ी घोड़े का अस्तित्व, शिवाजी महाराज की सेना की ऐतिहासिक विरासत पुनर्जीवित

बीकानेर: राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, बीकानेर ने घोड़ों की आठवीं भारतीय नस्ल, भीमथड़ी घोड़े को प्रमाणित कर भारत को ऐतिहासिक उपलब्धि दिलाई है। भीमथड़ी नस्ल, जिसे डक्कनी घोड़े के नाम से भी जाना जाता है, को भारत सरकार के राजपत्र में अधिसूचित किया गया है।

यह नस्ल छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना का हिस्सा थी और कई युद्धों में उपयोगी साबित हुई थी। करीब 400 साल बाद इस घोड़े की नस्ल को औपचारिक मान्यता मिली है।


डॉ. एससी मेहता के नेतृत्व में शोध

राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र के प्रभागाध्यक्ष डॉ. एससी मेहता के नेतृत्व में किए गए गहन शोध के परिणामस्वरूप भीमथड़ी घोड़े को भारतीय घोड़ों की आठवीं नस्ल के रूप में मान्यता मिली।

डॉ. मेहता ने बताया,
“भीमथड़ी घोड़ा, जिसे डक्कनी घोड़ा भी कहते हैं, 17वीं सदी में छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना में अहम भूमिका निभाता था। इसके सहारे उन्होंने कई युद्धों में विजय प्राप्त की।”

- Advertisement -

घोड़े की स्थिति और संरक्षण प्रयास

संयुक्त राष्ट्र संघ (FAO) की रिपोर्ट के अनुसार, डक्कनी घोड़ों की कुल संख्या केवल 100 है। 30-40 वर्षों से इस नस्ल को लुप्तप्राय घोड़ों में शामिल किया गया था।

अब इस नस्ल के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रयास शुरू किए गए हैं। ‘आल इंडिया भीमथड़ी हॉर्स एसोसिएशन’ का गठन रणजीत पंवार की अध्यक्षता में किया गया है।


सम्मान और आयोजन

इस उपलब्धि के लिए डॉ. एससी मेहता और रणजीत पंवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा सम्मानित किया गया।

नस्ल का पहला आधिकारिक शो 21 जनवरी, बारामती, पुणे में आयोजित किया जाएगा।


भीमथड़ी घोड़े की मान्यता से लाभ

  • नस्ल को पालने वालों के अधिकार सुनिश्चित हुए।
  • संरक्षण और संवर्धन के लिए संस्थागत कार्य की शुरुआत।
  • ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास।

Share News

editor January 19, 2025
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print

Latest Post

14 जुलाई से गुरु अस्त, इन चार राशियों पर होगी धनवर्षा
बीकानेर
लालगढ़-डिब्रूगढ़ ट्रेन का मार्ग बदला, कई तिथियों पर रहेगा बदलाव
बीकानेर
11 साल अनुपस्थित शिक्षिका की पोस्टिंग पर जांच, अधिकारी की बढ़ीं मुश्किलें
बीकानेर
पुलिस हिरासत से दो चोरी के आरोपी फरार, जिलेभर में अलर्ट जारी
बीकानेर
राजस्थान में मानसून सक्रिय, कई जिलों में तेज बारिश, दो सप्ताह अलर्ट
बीकानेर
रिडमलसर पुरोहितान से विकसित भारत-जी राम जी योजना का जिला स्तरीय शुभारंभ
बीकानेर
अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग निषेध दिवस पर जागरूकता अभियान आयोजित
बीकानेर
सीवरेज निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध, चार लोग पानी की टंकी पर चढ़े
बीकानेर

You Might Also Like

बीकानेर

14 जुलाई से गुरु अस्त, इन चार राशियों पर होगी धनवर्षा

Published July 3, 2026
बीकानेर

लालगढ़-डिब्रूगढ़ ट्रेन का मार्ग बदला, कई तिथियों पर रहेगा बदलाव

Published July 3, 2026
बीकानेर

11 साल अनुपस्थित शिक्षिका की पोस्टिंग पर जांच, अधिकारी की बढ़ीं मुश्किलें

Published July 3, 2026
बीकानेर

पुलिस हिरासत से दो चोरी के आरोपी फरार, जिलेभर में अलर्ट जारी

Published July 3, 2026
Khabar21
Follow US

© Copyright 2022, All Rights Reserved Khabar21 | Designed by Uddan Promotions Pvt. Ltd.

  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
1520138487750

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?