बीकानेर। यहाँ की वाणिज्यिक अदालत (Commercial Court) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण से जुड़े एक बड़े मामले में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पक्ष में एकतरफा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कर्जदार को बैंक की पूरी बकाया राशि चुकाने के कड़े आदेश दिए हैं।
करीब ₹13.74 लाख भुगतान करने का आदेश वाणिज्यिक न्यायाधीश ओम प्रकाश ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रतिवादी (उधारकर्ता) को कुल 13,73,747 रुपये की राशि बैंक को भुगतान करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने यह भी साफ किया है कि मूल राशि पर 22 सितंबर 2025 से लेकर वास्तविक भुगतान की तारीख तक, लोन अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) में तय शर्तों के अनुसार ब्याज भी देय होगा।
क्या है पूरा मामला?
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ऋण की मंजूरी: कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, प्रतिवादी हेमाराम मेघवाल ने कृषि संबंधी जरूरतों के लिए 25 मार्च 2019 को एसबीआई से केसीसी योजना के तहत 10,72,400 रुपये की क्रेडिट लिमिट (लोन) ली थी।
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बैंक का आरोप: ऋण समझौता होने के बावजूद प्रतिवादी ने तय शर्तों के मुताबिक बैंक को किस्तों या लोन की राशि का भुगतान नहीं किया। बार-बार डिफ़ॉल्ट होने के बाद बैंक ने मजबूरन 13,73,747 रुपये की वसूली के लिए वाणिज्यिक कोर्ट की शरण ली।
कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ प्रतिवादी, हुआ एकतरफा फैसला अदालती कार्रवाई के दौरान कोर्ट ने प्रतिवादी हेमाराम को अपना पक्ष रखने के लिए समन जारी किए थे। नोटिस की तामील (डिलिवरी) सही तरीके से होने के बावजूद, वह तय समय सीमा के भीतर न तो खुद अदालत में उपस्थित हुआ और न ही अपने वकील के जरिए कोई जवाब पेश किया।
परिणामस्वरूप, वाणिज्यिक न्यायालय ने सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के प्रावधानों के तहत बैंक द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और दावों को सही मानते हुए मामले का एकतरफा (Ex-Parte) निस्तारण कर बैंक के पक्ष में डिक्री जारी कर दी।
