बीकानेर, 30 जून। बीकानेर की अपर सेशन न्यायालय संख्या-5 ने पड़ोसी विवाद के दौरान हुई मारपीट में एक बुजुर्ग की मौत के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया है। न्यायालय ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
न्यायाधीश मधु हिसारिया की अदालत ने आरोपी सन्नी कुमार, मंजू, सुमन और लक्ष्मी को दोषी मानते हुए कहा कि उनकी ओर से की गई लाठी-डंडों की मारपीट के कारण 72 वर्षीय जमालदीन को गंभीर अंदरूनी चोटें आई थीं, जो बाद में उनकी मौत का कारण बनीं। यदि कोई दोषी जुर्माना जमा नहीं करता है तो उसे छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
वर्ष 2021 में हुआ था विवाद
अभियोजन के अनुसार, यह घटना 1 अगस्त 2021 की है। परिवादी मोहम्मद अली अपने पड़ोसी के दामाद ओमप्रकाश को बाइक से छोड़ने गया था। इसी दौरान विवाद शुरू हुआ और उसके साथ मारपीट की गई। बाद में जब वह अपने घर के बाहर मौजूद था, तब आरोपियों ने एक नाबालिग के साथ मिलकर उस पर दोबारा हमला कर दिया।
इस दौरान बेटे को बचाने पहुंचे उसके पिता जमालदीन के साथ भी लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई। गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और कुछ दिनों बाद उनकी मृत्यु हो गई।
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मेडिकल रिपोर्ट बनी अहम साक्ष्य
सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकों की गवाही को महत्वपूर्ण आधार माना। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि मारपीट के दौरान लगी चोट से मृतक की छोटी आंत फट गई थी। इसी चोट के कारण सेप्टिक शॉक हुआ, जिससे उनकी मौत हो गई।
बचाव पक्ष ने गवाहों के बयानों में विरोधाभास और मृतक की पुरानी बीमारी का हवाला देकर आरोपियों को राहत देने की मांग की। हालांकि अदालत ने इन दलीलों को अस्वीकार करते हुए कहा कि मेडिकल साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं तथा यह संदेह से परे साबित होता है कि मारपीट में लगी चोटें ही मृत्यु का प्रत्यक्ष कारण थीं।
अदालत ने दिए ये निर्देश
न्यायालय ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही आदेश दिया कि यदि जुर्माना जमा नहीं किया जाता है तो प्रत्येक दोषी को छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा अदालत ने मृतक के आश्रितों को पीड़ित प्रतिकर योजना का लाभ दिलाने के लिए निर्णय की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बीकानेर को भेजने के निर्देश भी दिए। मामले में राज्य सरकार की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक शिवशंकर स्वामी ने की।
