बीकानेर रेल मंडल में मालगाड़ियों के संचालन को अधिक तेज, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए नाल-पलाना के बीच नया गुड्स ट्रेन बाईपास रेलमार्ग विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है और इसकी अनुमानित लागत करीब 448 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस रेल बाईपास की घोषणा हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 21 जून को बीकानेर दौरे के दौरान की थी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना बीकानेर रेलवे स्टेशन और यार्ड पर बढ़ते ट्रैफिक भार को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
बीकानेर यार्ड पर कम होगा दबाव
नया बाईपास रेलमार्ग बनने के बाद जैसलमेर की ओर से आने वाली मालगाड़ियां बीकानेर रेलवे स्टेशन और यार्ड में प्रवेश किए बिना सीधे मेड़ता रोड की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी। इससे मालगाड़ियों को अनावश्यक रुकावटों का सामना नहीं करना पड़ेगा और बीकानेर यार्ड पर ट्रैफिक का दबाव भी काफी कम होगा।
रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से माल परिवहन अधिक व्यवस्थित होगा और परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
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माल परिवहन होगा अधिक तेज और प्रभावी
रेल बाईपास तैयार होने के बाद मालगाड़ियों को कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। इससे रेलवे की माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी और उद्योगों तथा व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा। समय की बचत के साथ परिचालन लागत में भी कमी आने की संभावना जताई जा रही है।
शहर को भी मिलेगा फायदा
इस परियोजना का लाभ केवल रेलवे संचालन तक सीमित नहीं रहेगा। बीकानेर शहर के भीतर मालगाड़ियों की आवाजाही कम होने से रेल यातायात का दबाव घटेगा। इसके परिणामस्वरूप शोर और प्रदूषण में कमी आएगी तथा शहरवासियों को भी राहत मिलेगी।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार होगी परियोजना
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना भविष्य में बढ़ने वाले माल परिवहन को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है। मजबूत रेल आधारभूत संरचना, बेहतर परिचालन व्यवस्था और तेज माल परिवहन सुनिश्चित करने के लिए यह बाईपास रेलमार्ग बीकानेर रेल मंडल की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल होगा।
