नई दिल्ली/वॉशिंगटन। अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर करीब एक घंटे तक हवाई हमले किए, जिसमें मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना के अनुसार यह कार्रवाई ईरान द्वारा कथित सीजफायर उल्लंघन के बाद की गई है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने सीजफायर तोड़ा है, जिसके जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक 25 जून को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के मालवाहक जहाज एमवी एवर लवली पर ड्रोन हमला किया था।
ट्रम्प ने एयरस्ट्राइक से पहले बयान में कहा कि ईरान ने एक नहीं बल्कि चार बार हमले किए हैं। वहीं ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के नियंत्रण में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को उसके नियमों का पालन करना होगा।
ईरान ने अमेरिका और इजराइल के साथ सहयोग करने वाले नाटो देशों पर भी आरोप लगाए हैं और कहा है कि इन देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन देशों को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने सैन्य कार्रवाई का समर्थन क्यों किया।
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ओमान के तट के पास होर्मुज स्ट्रेट में एक मालवाहक जहाज पर हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र ने 11 हजार नाविकों को निकालने का अभियान फिलहाल रोक दिया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
