प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी होने के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बीकानेर में किसान जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा तथा कृषि विकास, आधुनिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलगुरु डॉ. आर.बी. दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि बदलते कृषि परिदृश्य में किसानों को आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की आवश्यकता है, जिससे खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके।
डॉ. दुबे ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर देते हुए किसानों से जल, मिट्टी और जैव विविधता के संतुलित उपयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक सोच और नवीन तकनीकों का समावेश किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने एकीकृत कृषि प्रणाली को किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि केवल फसल उत्पादन पर निर्भर रहने के बजाय पशुपालन, बागवानी, कृषि वानिकी, मधुमक्खी पालन और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को भी खेती से जोड़ना चाहिए। इससे किसानों को अतिरिक्त आय के स्रोत प्राप्त होंगे और कृषि जोखिम भी कम होगा।
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कार्यक्रम में निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. दीपाली धवन ने कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कृषि विस्तार गतिविधियों और तकनीकी मार्गदर्शन की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से कृषि विज्ञान केंद्र के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने और उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. मदनलाल रेगर ने स्वागत उद्बोधन में कृषि विज्ञान केंद्र की विभिन्न गतिविधियों, अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन कार्यक्रमों तथा किसानों के लिए संचालित प्रशिक्षण अभियानों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों को खेत स्तर तक पहुंचाना केंद्र का प्रमुख उद्देश्य है।
सहायक आचार्य डॉ. सुशील कुमार ने किसानों को खरीफ फसलों के वैज्ञानिक प्रबंधन, उन्नत बीजों के चयन, संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा कीट एवं रोग नियंत्रण के आधुनिक उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को मौसम आधारित कृषि प्रबंधन अपनाने की भी सलाह दी।
मूंग की उन्नत किस्म एमएच-1142 का प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत संचालित समूह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत मूंग की उन्नत किस्म एमएच-1142 का प्रदर्शन भी किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को इस किस्म की उत्पादन क्षमता, बेहतर गुणवत्ता, बीज उपचार तकनीक, पोषक तत्व प्रबंधन तथा रोग एवं कीट नियंत्रण संबंधी आधुनिक उपायों की जानकारी दी।
इस कार्यक्रम में कानासर, पेमासर, बदरासर और भरू गांवों सहित आसपास के क्षेत्रों के लगभग 100 किसानों ने भाग लिया। किसानों ने कृषि विशेषज्ञों से संवाद कर खेती से जुड़ी समस्याओं और संभावित समाधानों पर चर्चा भी की।
