बीकानेर के पीबीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर चल रहा “पीबीएम सुधारो आंदोलन” शनिवार को लगातार दसवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली जब पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को अपना समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाए जाने के बावजूद सरकार उनकी ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने हाल ही में पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की बिगड़ी स्वास्थ्य स्थिति और एक प्रसूता की मौत की घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल पीबीएम अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने आंदोलनकारियों द्वारा रखी गई दस सूत्रीय मांगों को जायज बताते हुए मेडिकल विंग और जनाना (गायनिक) विंग को जल्द शुरू करने की मांग दोहराई।
डॉ. कल्ला ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर उपचार, पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ, आवश्यक संसाधन और सुव्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि अस्पताल से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
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उन्होंने आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज और मशाल जुलूस को रोकने की कार्रवाई की भी आलोचना की। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखना नागरिकों का अधिकार है और ऐसे आंदोलनों को बलपूर्वक रोकना उचित नहीं माना जा सकता।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने पीबीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और आंदोलन की मांगों को जल्द पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, डॉ. कल्ला ने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।
