बीकानेर के पीबीएम अस्पताल से जुड़ी प्रसूताओं के उपचार मामले में राहत देने वाली खबर सामने आई है। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पीबीएम अस्पताल में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते आईसीयू में भर्ती छह प्रसूताओं में से दो महिलाओं की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि शेष मरीजों की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है और उनमें भी सुधार दर्ज किया जा रहा है।
गंभीर हालत में भर्ती हुई थी प्रसूता
अस्पताल प्रशासन के अनुसार डिस्चार्ज की गई एक प्रसूता की स्थिति भर्ती के समय बेहद चिंताजनक थी। उसका हीमोग्लोबिन स्तर केवल 6 ग्राम प्रति डेसीलीटर था, जबकि यूरिन आउटपुट लगभग शून्य था। हालत को देखते हुए उसे तत्काल आईसीयू में भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में गहन उपचार शुरू किया गया।
उपचार के बाद उसकी स्थिति में लगातार सुधार हुआ। यूरिन आउटपुट बढ़कर करीब 3500 मिलीलीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया और हीमोग्लोबिन स्तर बढ़कर 8.2 ग्राम प्रति डेसीलीटर हो गया। भर्ती के दौरान उसे सांस लेने में परेशानी और फेफड़ों में पानी भरने की समस्या भी थी, जो अब पूरी तरह नियंत्रित हो चुकी है। स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार के बाद चिकित्सकों ने उसे डिस्चार्ज कर दिया।
अन्य मरीजों की हालत भी बेहतर
पीबीएम अस्पताल प्रशासन के अनुसार आईसीयू में भर्ती अन्य दो प्रसूताओं की स्थिति में भी लगातार सुधार देखा जा रहा है। यदि स्वास्थ्य में यही प्रगति बनी रहती है तो उन्हें अगले दो से तीन दिनों में अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।
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वहीं वेंटिलेटर सपोर्ट पर उपचाराधीन दो अन्य मरीजों की देखभाल विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा की जा रही है। इन मरीजों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम कर रही निगरानी
एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मरीजों की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। टीम में अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य और डॉ. नीति शर्मा के साथ स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष खजोटिया, डॉ. सुमन बुडानिया, नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र फलोदिया, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. खेताराम शर्मा, निश्चेतना विभाग के डॉ. विशाल तथा श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि चांडक शामिल हैं।
इसके अलावा मेडिसिन आईसीयू, पोस्ट कोविड आईसीयू, डायलिसिस यूनिट और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों की संयुक्त टीम भी उपचार में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
परिजनों ने जताया संतोष
अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के स्वास्थ्य में लगातार सुधार होने से परिजनों ने राहत महसूस की है। उन्होंने चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों की मेहनत एवं समर्पण की सराहना करते हुए बेहतर उपचार व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया है।
