बीकानेर जिले में शनिवार को आए भीषण आंधी-तूफान ने कई क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई। जिले के विभिन्न इलाकों से नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। श्रीडूंगरगढ़, नोखा और पांचू क्षेत्र में तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि किसानों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
श्रीडूंगरगढ़ में तेज तूफान के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। वहीं क्षेत्र के एक वेयरहाउस को भी भारी नुकसान पहुंचा, जहां तेज हवाओं के कारण दीवारें ढह गईं और ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया।
नोखा के पांचू क्षेत्र में भी तूफान ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों के अनुसार तेज आंधी के कारण 100 से अधिक बिजली के पोल टूट गए, जिससे सैकड़ों घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और पोलों को दुरुस्त करने में जुटी हुई हैं।
तूफान का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों की तारबंदी, जालियां और चारों ओर बनाई गई बाड़ क्षतिग्रस्त हो गई। कई स्थानों पर तेज हवाओं ने खेतों की सुरक्षा व्यवस्थाओं को पूरी तरह उखाड़ दिया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में बने पशु आश्रय स्थलों और रहवासी मकानों की टीन शेड से बनी छतें भी उड़ गईं। इसके कारण वहां रखा अनाज और अन्य कीमती सामान बारिश व तूफान की चपेट में आकर खराब हो गया।
एक स्थान पर मकान के पास खड़ी गाड़ी पर दीवार का हिस्सा गिरने से वाहन को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा खेतों और ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में खेजड़ी, किकर और नीम के पेड़ जड़ से उखड़ गए या टूटकर गिर गए।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय बाद आए इस भीषण तूफान ने कई परिवारों और किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन और संबंधित विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटे हुए हैं।
