बीकानेर के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक सरकारी कर्मचारी के आश्रितों को 77.06 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। अधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना के समय ट्रक का बीमा नहीं होने के कारण पूरी राशि ट्रक मालिक और चालक को ही चुकानी होगी।
मामले के अनुसार 17 मार्च 2022 की रात कन्हैयालाल अपनी कार से गांव लौट रहे थे। जामसर क्षेत्र के पास सामने से आ रहे एक ट्रक-ट्रेलर ने कथित रूप से तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी कार को टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि कन्हैयालाल की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
मृतक की पत्नी शोभा देवी और अन्य आश्रितों ने मुआवजे के लिए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, एफआईआर, चार्जशीट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया।
अधिकरण के न्यायाधीश अनवर अहमद चौहान ने पाया कि दुर्घटना ट्रक चालक की लापरवाही के कारण हुई थी। जांच में यह भी सामने आया कि हादसे के समय ट्रक-ट्रेलर का कोई वैध बीमा नहीं था। इस कारण बीमा कंपनी को मामले से अलग कर दिया गया और मुआवजे की जिम्मेदारी सीधे ट्रक मालिक और चालक पर तय की गई।
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रिकॉर्ड के अनुसार कन्हैयालाल राजस्थान सरकार के आयुर्वेद विभाग में परिचारक पद पर कार्यरत थे और उनकी मासिक आय लगभग 34,613 रुपये थी। उनकी आय, आयु और परिवार के आश्रितों को ध्यान में रखते हुए अधिकरण ने कुल 77,06,380 रुपये का मुआवजा निर्धारित किया।
अदालत ने आदेश दिया है कि यह राशि 25 अगस्त 2022 से भुगतान की तिथि तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा की जाएगी। मृतक परिवार की ओर से मामले की पैरवी अधिवक्ता ओम बिश्नोई ने की।
