बीकानेर के चर्चित राजमाता बाघेली जी सुदर्शना कुमारी ट्रस्ट विवाद में जिला न्यायाधीश अश्वनी विज ने अहम आदेश जारी करते हुए राज्यश्री कुमारी को ट्रस्ट कार्यालय में प्रवेश कर जरूरी दस्तावेज प्राप्त करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज लेने से पहले संबंधित थानाधिकारी को सूचना देना अनिवार्य होगा।
अदालत ने पुलिस प्रशासन को भी निर्देश दिए हैं कि यदि दस्तावेज प्राप्त करने के दौरान किसी प्रकार की बाधा या हस्तक्षेप किया जाता है तो राज्यश्री कुमारी को तत्काल पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए।
राज्यश्री कुमारी ने कोर्ट में दायर प्रार्थना पत्र में बताया था कि ट्रस्ट से जुड़े महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक रिकॉर्ड प्रतिवादी पक्ष के कब्जे में हैं, जिसके कारण वर्षों से आयकर रिटर्न दाखिल नहीं हो पाए और ट्रस्ट से जुड़े मामलों में कानूनी परेशानियां बढ़ गई हैं।
मामले में मांगे गए दस्तावेजों में कैश बुक, बैंक रिकॉर्ड, ट्रस्ट डीड, एफडीआर, जमीनों के रिकॉर्ड, पंजीयन प्रमाण पत्र और मूल मिनट बुक शामिल हैं। कोर्ट ने माना कि ट्रस्ट एक पंजीबद्ध सार्वजनिक न्यास है और इसके खातों का नियमित ऑडिट तथा आयकर संबंधी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।
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अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने से किसी पक्ष को नुकसान नहीं होगा, जबकि दस्तावेज नहीं मिलने से ट्रस्ट और सरकारी राजस्व दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
