बीकानेर के खिलाड़ियों के लिए बड़ी राहत और उत्साह भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के प्रयासों से महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय परिसर में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) का एक्सीलेंस सेंटर स्थापित होने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर शुक्रवार को भारतीय खेल प्राधिकरण की टीम ने विश्वविद्यालय परिसर का दौरा कर खेल सुविधाओं का निरीक्षण किया।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव यशपाल आहूजा ने बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण की टीम ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित आधुनिक इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, साइकिल वेलोड्रम और मेजर किशन सिंह शूटिंग रेंज का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने उपलब्ध खेल संसाधनों और आधारभूत सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया और इन्हें खिलाड़ियों के लिए उपयोगी बताया।
मीडिया प्रभारी उमेश शर्मा के अनुसार इस दौरान कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन और भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारियों के बीच प्रस्तावित साई सेंटर की रूपरेखा और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में वित्त नियंत्रक देवेन्द्र सिंह राठौड़, जिला खेल अधिकारी सुरेन्द्र हर्ष सहित भारतीय खेल प्राधिकरण के स्पोर्ट्स निदेशक मणिकांत शर्मा और उनकी टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
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सहायक निदेशक शारीरिक शिक्षा डॉ. यशवंत गहलोत ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में साई सेंटर की स्थापना से बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं और विशेषज्ञ प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा। इससे क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अब तक खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था, लेकिन साई एक्सीलेंस सेंटर शुरू होने के बाद बीकानेर में ही आधुनिक खेल संसाधन, प्रशिक्षक और बेहतर प्रशिक्षण वातावरण उपलब्ध होगा। इससे युवा खिलाड़ियों को अपने गृह क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सकेगा।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालय परिसर में प्रस्तावित यह साई एक्सीलेंस सेंटर बीकानेर संभाग की खेल प्रतिभाओं के लिए नई दिशा साबित होगा। इससे क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर तथा मंच प्राप्त होगा।
