आकाशवाणी के 90 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बीकानेर के वेटरनरी ऑडिटोरियम में सोमवार को शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सितार और सरोद की जुगलबंदी ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
सितार पर असित गोस्वामी और सरोद पर अमित गोस्वामी ने रागों की मनमोहक प्रस्तुति दी। उनकी जुगलबंदी में राग हेमंत का आलाप, जोड़ और झाला विशेष आकर्षण रहा, जबकि कार्यक्रम का समापन राग पहाड़ी की धुन के साथ हुआ। तबले पर शब्बीर हुसैन ने सधी हुई संगत देकर पूरे माहौल को लयबद्ध बनाए रखा।
मुख्य अतिथि डॉ. सुमंत व्यास, कुलगुरु, राजस्थान पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि समय के बदलाव के बावजूद आकाशवाणी ने अपनी पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों को कायम रखा है। उन्होंने इसे भारतीय शास्त्रीय संगीत और संस्कृति का महत्वपूर्ण संवाहक बताया।
कार्यक्रम में उप महानिदेशक (अभियांत्रिकी) रामजी लाल असवाल ने भी आकाशवाणी की परंपराओं को सराहते हुए इसकी भूमिका को अहम बताया। सहायक निदेशक अमित सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आकाशवाणी की 90 वर्षों की यात्रा को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास बताया। अंत में सहायक निदेशक मीनाक्षी मालिक ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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कार्यक्रम के दौरान ऑडिटोरियम पूरी तरह भरा रहा और श्रोताओं ने कलाकारों की प्रस्तुति का पूरे मनोयोग से आनंद लिया। इस आयोजन ने शहर के संगीत प्रेमियों को शास्त्रीय संगीत का यादगार अनुभव प्रदान किया।
