बीकानेर। ऑनलाइन ई-चालान प्रक्रिया में लापरवाही एक थानाधिकारी पर भारी पड़ गई। मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए यातायात थानाधिकारी Naresh Nirwan को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में पेश होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश (संख्या 3) के पीठासीन अधिकारी Rahul द्वारा जारी किया गया। जानकारी के अनुसार Ravikant Soni बिना हेलमेट स्कूटी चला रहे थे, जिसके चलते यातायात पुलिस ने उनका फोटो लेकर 1000 रुपए का ऑनलाइन ई-चालान जारी कर दिया।
रविकांत सोनी ने इस चालान की वैधता को चुनौती देते हुए अदालत में परिवाद दायर किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यातायात पुलिस से मूल चालान की प्रति प्रस्तुत करने को कहा। लेकिन जब थानाधिकारी द्वारा कोर्ट में दस्तावेज पेश किया गया, तो उस पर उनके हस्ताक्षर नहीं पाए गए और केवल कार्यालय की मुहर लगी हुई थी।
बिना हस्ताक्षर के सरकारी दस्तावेज प्रस्तुत करने को अदालत ने गंभीर लापरवाही मानते हुए कड़ा संज्ञान लिया है। इसी के चलते थानाधिकारी को सोमवार को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए गए हैं।
