बीकानेर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब पासबुक के जरिए पढ़ाई फिर से शुरू हो सकेगी। करीब 9 साल बाद इस पर लगी रोक हटा दी गई है। राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच के आदेश के बाद सरकार ने इस फैसले के खिलाफ आगे अपील नहीं करने का निर्णय लिया।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. रामगोपाल शर्मा ने 20 अप्रैल को आदेश जारी कर पहले जारी दोनों प्रतिबंध आदेशों को वापस लेने के निर्देश दिए।
दरअसल, 13 मार्च 2018 को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद और शिक्षा निदेशालय ने संयुक्त रूप से पासबुक के उपयोग पर रोक लगाई थी। तर्क दिया गया था कि इससे रटंत प्रणाली को बढ़ावा मिलता है और छात्रों की मूल समझ प्रभावित होती है। बाद में 6 नवंबर 2023 को इस प्रतिबंध को फिर से लागू किया गया था।
इस फैसले के खिलाफ प्राइवेट पब्लिशर ‘संजीव पासबुक’ ने कोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान 12 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट ने इस प्रतिबंध पर रोक लगा दी।
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सरकार ने कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ अपील नहीं करने का फैसला लिया और 17 मार्च 2026 को संयुक्त विधि परामर्शी ऋतु शर्मा ने प्रतिबंध हटाने के निर्देश जारी किए।
अब इस फैसले के बाद सरकारी स्कूलों में पासबुक का उपयोग दोबारा शुरू हो सकेगा और छात्रों या शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान भी समाप्त हो गया है।
