स्कूल लॉगिन से नामांकन जांचने के निर्देश
बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ के अनुसार, सभी मान्यता प्राप्त विद्यालय अपने निर्धारित लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से छात्रों का नाम, पिता का नाम, विषय संयोजन और अन्य विवरण ऑनलाइन सत्यापित कर सकते हैं। यदि किसी छात्र के विवरण में त्रुटि पाई जाती है, तो संबंधित विद्यालय को समय रहते बोर्ड की परीक्षा शाखा से संपर्क कर संशोधन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए परीक्षक नियुक्त
बोर्ड ने उच्च माध्यमिक स्तर के सभी प्रायोगिक विषयों के लिए बाह्य परीक्षकों की नियुक्ति कर दी है। प्रायोगिक परीक्षाएं विद्यालय स्तर पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जा रही हैं। परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए बोर्ड की ओर से पर्यवेक्षकों की तैनाती भी की गई है, ताकि पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखा जा सके।
प्रायोगिक परीक्षा को लेकर बोर्ड के दिशा-निर्देश
बोर्ड द्वारा प्रायोगिक परीक्षा संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रायोगिक सामग्री जैसे उत्तर पुस्तिकाएं, ग्राफ शीट और ड्रॉइंग शीट्स वितरण केंद्रों पर भेजी जा चुकी हैं। शाला प्रधान इन केंद्रों से सामग्री प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा, विषयवार परीक्षक सूची, रोल नंबर और परीक्षा संबंधी आवश्यक निर्देश बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं। शाला प्रधानों को परीक्षा अवधि के दौरान वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट देखने के निर्देश दिए गए हैं।
बाह्य परीक्षकों को उनकी नियुक्ति की सूचना पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी, जिसके बाद वे लॉगिन कर अपने नियुक्ति पत्र और आवंटित विद्यालयों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
सीबीएसई की प्रायोगिक परीक्षाएं भी शुरू
इसी क्रम में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं और आंतरिक मूल्यांकन भी 1 जनवरी से शुरू हो गए हैं। बोर्ड के अनुसार, अजमेर सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में यह परीक्षाएं 14 फरवरी तक आयोजित की जाएंगी।
सीबीएसई ने स्कूलों को दिए सख्त निर्देश
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि प्रायोगिक परीक्षा समाप्त होते ही उसी दिन छात्रों के अंक ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा। साथ ही, बोर्ड के एप पर विद्यार्थियों की फोटो अपलोड करना भी जरूरी किया गया है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिकायत सामने आने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
राज्य और केंद्रीय दोनों ही बोर्डों ने इस वर्ष परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया है। ऑनलाइन नामांकन, डिजिटल रिपोर्टिंग और सख्त निगरानी व्यवस्था से परीक्षा प्रणाली को सुचारु और विश्वसनीय बनाने का प्रयास किया जा रहा है।