Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Reading: ऊपनी गांव: ग्रामीणों ने मृत्युभोज और डीजे पर लगाई सामूहिक रोक
Share
Aa
Aa
Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Search
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Follow US
Khabar21 > Blog > बीकानेर > ऊपनी गांव: ग्रामीणों ने मृत्युभोज और डीजे पर लगाई सामूहिक रोक
बीकानेर

ऊपनी गांव: ग्रामीणों ने मृत्युभोज और डीजे पर लगाई सामूहिक रोक

editor
editor Published November 10, 2025
Last updated: 2025/11/10 at 11:49 AM
Share
SHARE
Chat on WhatsApp
Share News

श्रीडूंगरगढ़ (बीकानेर):
राजस्थान के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के ऊपनी गांव ने एक सराहनीय सामाजिक पहल करते हुए मृत्युभोज और डीजे संस्कृति पर सामूहिक रूप से रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय हाल ही में आयोजित एक ग्राम सभा में लिया गया, जिसमें गांव के सभी प्रमुख लोग, बुजुर्ग, समाजसेवी और युवाओं ने एकमत होकर भाग लिया।

Contents
ग्राम सभा में लिया गया ऐतिहासिक फैसलासामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदमग्रामीणों की एकजुटता बनी प्रेरणाअन्य गांवों के लिए उदाहरण

ग्राम सभा में लिया गया ऐतिहासिक फैसला

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से तय किया कि अब गांव में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद मृत्युभोज का आयोजन नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, विवाह समारोहों और अन्य सामाजिक आयोजनों में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

ग्राम सभा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति इस निर्णय की अवहेलना करेगा, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और अनावश्यक खर्चों को रोकना है।

सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम

ग्रामीणों का कहना है कि मृत्युभोज जैसी परंपराओं से परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। कई बार गरीब परिवार दिखावे के चलते कर्ज में डूब जाते हैं। वहीं, शादी समारोहों में डीजे बजाने से अक्सर विवाद और झगड़े होते हैं। इन दोनों पर रोक लगाने से गांव में शांति, सादगी और आपसी भाईचारा बढ़ेगा।

- Advertisement -

ग्रामीणों की एकजुटता बनी प्रेरणा

गांव के वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि यह निर्णय नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने वाला है। उन्होंने बताया कि इस फैसले से सामाजिक समानता को भी बल मिलेगा और परंपरागत मूल्यों का संरक्षण होगा।

अन्य गांवों के लिए उदाहरण

ऊपनी गांव का यह निर्णय अब आसपास के गांवों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसी सामाजिक एकता और समझदारी से पूरे क्षेत्र में सामाजिक सुधार की नई शुरुआत की जा सकती है।


Share News

editor November 10, 2025
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print

Latest Post

बीकानेर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जीत का जश्न, पूजा-अर्चना कर बांटी मिठाई
बीकानेर
श्रीगंगानगर हादसे में कांस्टेबल व मासूम बेटी की मौत, परिवार सदमे में
बीकानेर
बीकानेर में नशे का फैलता जाल, कई इलाकों में खुलेआम तस्करी
बीकानेर
एसआई भर्ती 2021 रद्द बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने अपील खारिज की
बीकानेर
बीकानेर में 5 मई को अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली कटौती, जानें समय
बीकानेर
बीकानेर पुलिस ने नेत्रहीन मासूम को बंधन से छुड़ाकर पेश की मानवता की मिसाल
बीकानेर
बिना हस्ताक्षर ई-चालान पर कोर्ट सख्त, थानाधिकारी तलब
बीकानेर
बंगाल में भाजपा की बढ़त से जश्न, बीकानेर तक गूंजा उत्साह
बीकानेर

You Might Also Like

बीकानेर

बीकानेर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जीत का जश्न, पूजा-अर्चना कर बांटी मिठाई

Published May 4, 2026
बीकानेर

श्रीगंगानगर हादसे में कांस्टेबल व मासूम बेटी की मौत, परिवार सदमे में

Published May 4, 2026
बीकानेर

बीकानेर में नशे का फैलता जाल, कई इलाकों में खुलेआम तस्करी

Published May 4, 2026
बीकानेर

एसआई भर्ती 2021 रद्द बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने अपील खारिज की

Published May 4, 2026
Khabar21
Follow US

© Copyright 2022, All Rights Reserved Khabar21 | Designed by Uddan Promotions Pvt. Ltd.

  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
1520138487750

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?