नई दिल्ली। सरकार ने नई टैक्स व्यवस्था के तहत कर ढांचे में संशोधन किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि सालाना 12 लाख रुपये तक की आय वालों को कोई आयकर नहीं देना होगा। इसका उद्देश्य मिडिल क्लास को राहत देते हुए टैक्स को कम करना है।
मुख्य बिंदु:
- टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई:
- नई टैक्स व्यवस्था के तहत इनकम टैक्स छूट की सीमा को 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया है।
- इसमें 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को जोड़ने पर 12.75 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले टैक्सपेयर्स को कोई टैक्स नहीं देना होगा।
- टैक्स रिबेट का कैलकुलेशन:
- 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर 80,000 रुपये की टैक्स देनदारी आती है।
- टैक्स रिबेट के कारण इस आय वाले व्यक्ति को कोई टैक्स नहीं देना होगा।
- यदि आय 12 लाख रुपये से अधिक है, तो नए टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा।
- सेक्शन 87A के तहत रिबेट:
- यह रिबेट लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर लागू नहीं होता है।
- शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर सेक्शन 111A का प्रावधान लागू होता है।
उदाहरण:
- यदि किसी टैक्सपेयर की आय 12 लाख रुपये है, जिसमें से 10 लाख रुपये सैलरी से और 2 लाख रुपये लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन से है, तो सेक्शन 87A के तहत रिबेट सिर्फ 10 लाख रुपये की आय पर लागू होगा।
- 2 लाख रुपये के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5% की दर से टैक्स लगेगा।
टैक्स रिबेट बेनिफिट लिस्ट:
| Income | Tax on Slabs and rates | Benefit of | Rebate benefit | Total Benefit | Tax after rebate Benefit | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 8 लाख | 30,000 | 20,000 | 10,000 | 20,000 | 30,000 | 0 |
| 9 लाख | 40,000 | 30,000 | 10,000 | 30,000 | 40,000 | 0 |
| 10 लाख | 50,000 | 40,000 | 10,000 | 40,000 | 50,000 | 0 |
| 11 लाख | 65,000 | 50,000 | 15,000 | 50,000 | 65,000 | 0 |
| 12 लाख | 80,000 | 60,000 | 20,000 | 60,000 | 80,000 | 0 |
| 16 लाख | 1,70,000 | 1,20,000 | 50,000 | 0 | 50,000 | 1,20,000 |
| 20 लाख | 2,90,000 | 2,00,000 | 90,000 | 0 | 90,000 | 2,00,000 |
| 24 लाख | 4,10,000 | 3,00,000 | 1,10,000 | 0 | 1,10,000 | 3,00,000 |
इस नई टैक्स व्यवस्था से मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिलेगी और घरेलू खपत और बचत को बढ़ावा मिलेगा।
