नए साल का स्वागत राजस्थान के प्रसिद्ध मंदिरों में भक्ति और उल्लास के साथ किया गया। बीकानेर के देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
विशेष महाप्रसादी का आयोजन:
करणी माता मंदिर में सावन भादो कढ़ाई महाप्रसादी का आयोजन किया गया। इस बार दाल का हलवा विशेष प्रसाद के रूप में तैयार किया गया।
- प्रसाद में उपयोग की गई सामग्री:
- 300 टिन घी
- 3500 किलो दाल
- 4800 किलो मावा
- 4000 किलो चीनी
- 3.5 किलो केसर
- 200 किलो बादाम-पिस्ता
- महाप्रसाद तैयार करने में 200 से अधिक कार्यकर्ताओं ने लगातार दो दिन मेहनत की।
महाप्रसाद की ऐतिहासिक परंपरा:
श्रीकरणी मंदिर निजी प्रन्यास के अध्यक्ष बादलसिंह चारण ने बताया कि पहले लापसी, बूंदी और हलुवा प्रमुख प्रसादी के रूप में बनाए जाते थे। पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में दाल का हलवा तैयार किया गया।
विश्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने की कोशिश:
आयोजकों ने दावा किया कि यह महाप्रसादी विश्व की सबसे बड़ी है। इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए इंटरनेशनल टीम को भी आमंत्रित किया गया है।
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भक्तों की भारी उपस्थिति:
पूरे राजस्थान और अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन और प्रसादी ग्रहण करने पहुंचे। करणी बाग पैलेस के महंत डॉ. करणी प्रताप सिंह और उनके परिवार द्वारा इस आयोजन की व्यवस्था की गई।
इस आयोजन ने भक्तों के लिए नए साल की शुरुआत को भक्ति और आशीर्वाद से भरपूर बना दिया।
