राजस्थान में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है, लेकिन मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के संकेत दिए हैं। मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार 18 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम करवट ले सकता है।
बीते 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, कोटा और अजमेर समेत कई जिलों में दोपहर बाद मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं। वहीं, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ इलाकों में अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिसमें चूरू में सर्वाधिक 29.6 मिमी बारिश दर्ज हुई।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पूर्वी राजस्थान के अधिकांश जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर वज्रपात की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में भी हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
उदयपुर में बुधवार शाम हुई प्री-मानसून की पहली बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी। बारिश के बाद चली ठंडी हवाओं से मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत महसूस की। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर और मजबूत हो सकता है।
