राजस्थान सरकार ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए आम नागरिकों को राहत देने वाला महत्वपूर्ण फैसला लिया है। 1 जून से राज्यभर में परिवहन विभाग की 58 सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन संबंधी अनुमतियों और अन्य कई सेवाओं के लिए परिवहन कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
परिवहन विभाग में खत्म होगी पुरानी इनवर्ड व्यवस्था
राज्य सरकार ने परिवहन विभाग में वर्षों से चली आ रही इनवर्ड प्रणाली को समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब तक कई सेवाओं के लिए आवेदन विभागीय कर्मचारियों की लॉगिन आईडी के माध्यम से दर्ज किए जाते थे, जिससे आवेदकों को कार्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता था।
नई व्यवस्था के तहत नागरिक स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से भी आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इससे सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
58 परिवहन सेवाएं होंगी ऑनलाइन
परिवहन विभाग ने कुल 58 सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली है।
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- 26 सेवाएं सिटीजन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध होंगी।
- 32 सेवाएं सारथी पोर्टल पर संचालित की जाएंगी।
इन सेवाओं में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रियाएं, वाहन पंजीकरण संबंधी कार्य, विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्र, अनुमतियां और अन्य परिवहन सेवाएं शामिल हैं।
घर बैठे कर सकेंगे आवेदन
नई डिजिटल व्यवस्था के तहत नागरिक अपने घर से ही आवेदन कर सकेंगे। आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे और आवेदन की वर्तमान स्थिति भी पोर्टल पर देखी जा सकेगी।
इससे लोगों का समय और खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही परिवहन कार्यालयों में भीड़ कम होगी और कार्यों के निस्तारण की गति बढ़ेगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही को मिलेगा बढ़ावा
ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने के बाद प्रत्येक आवेदन का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे आवेदन की निगरानी आसान होगी और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी की संभावना कम होगी।
डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा नागरिकों को अपने आवेदन की पूरी जानकारी समय पर मिल सकेगी।
बिचौलियों पर लगेगा अंकुश
परिवहन विभाग की इस पहल का प्रमुख उद्देश्य बिचौलियों और अनधिकृत एजेंटों की भूमिका को समाप्त करना है। पहले कई मामलों में आवेदकों को प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने के कारण मध्यस्थों पर निर्भर रहना पड़ता था।
अब सीधे ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलने से किसी भी प्रकार के मध्यस्थ की आवश्यकता नहीं रहेगी। इससे भ्रष्टाचार और शिकायतों में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजस्थान में परिवहन कार्यालयों की स्थिति
राज्य में वर्तमान में परिवहन विभाग के अंतर्गत:
- 57 जिला परिवहन कार्यालय संचालित हैं।
- 13 प्रादेशिक परिवहन कार्यालय कार्यरत हैं।
नई व्यवस्था इन सभी कार्यालयों में सेवाओं को अधिक प्रभावी और नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
अधिकारियों ने बताई नई व्यवस्था की खासियत
श्रीगंगानगर जिला परिवहन अधिकारी देवानंद के अनुसार, ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से नागरिकों को सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलेगा। 1 जून से लागू होने वाला यह बदलाव परिवहन विभाग की सेवाओं को डिजिटल और अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।
डिजिटल राजस्थान की ओर एक और कदम
राजस्थान सरकार की यह पहल ई-गवर्नेंस को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास है। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से परिवहन विभाग के कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रक्रिया सरल होगी और नागरिकों को सरकारी सेवाएं पहले से अधिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
