बीकानेर। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma की जल एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी महत्वाकांक्षी पहल ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ का सोमवार को बीकानेर में विधिवत शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन आरएसी की दसवीं बटालियन परिसर में किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
समारोह में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री Sumit Godara, बीकानेर पश्चिम विधायक Jethanand Vyas, मुख्य सचिव V. Srinivas, प्रभारी सचिव हेमंत गेरा, संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, जिला कलक्टर निशांत जैन, राजीविका मिशन निदेशक प्रियंका गोस्वामी, श्याम पंचारिया और सुमन छाजेड़ सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि मरुस्थलीय क्षेत्र के लोग पानी की एक-एक बूंद का महत्व समझते हैं। राजस्थान में जल संरक्षण और जल संग्रहण की परंपरा सदियों पुरानी रही है और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में इस परंपरा को फिर से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और हर नागरिक को इससे जुड़ना चाहिए।
उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लोगों में पौधारोपण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। मरुस्थलीय क्षेत्रों में भी हरियाली बढ़ने के साथ औसत वर्षा में सुधार देखने को मिला है। उन्होंने संबंधित विभागों से पर्यावरण दिवस तक इस अभियान को गांव-गांव और आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
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बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जल संरक्षण की दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने वर्षा जल संरक्षण और पानी के सीमित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि यह अभियान समाज में सकारात्मक जागरूकता पैदा करेगा।
संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने जल संरचनाओं के संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। वहीं जिला कलक्टर निशांत जैन ने कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी सभी विभाग मिलकर पूरे उत्साह से अभियान को सफल बनाएंगे। राजीविका मिशन निदेशक प्रियंका गोस्वामी ने महिलाओं की भागीदारी को समाज के विकास के लिए आवश्यक बताया।
कार्यक्रम के दौरान श्याम पंचारिया ने इसे आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित करने वाला अभियान बताया, जबकि सुमन छाजेड़ ने कहा कि यदि आज जल संरक्षण को गंभीरता से नहीं लिया गया तो भविष्य में गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलजा पांडे ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए स्वागत उद्बोधन दिया।
समारोह की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और घट पूजन के साथ हुई। अतिथियों ने गंगाजल से पूजन कर अभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर राजीविका स्वयं सहायता समूहों, नगर निगम, उरमूल डेयरी, जलग्रहण विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग तथा वन विभाग द्वारा नौ स्टॉल भी लगाए गए। अतिथियों ने इन स्टॉलों का अवलोकन किया। भरत कला मंडल के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। कार्यक्रम के अंत में खाद्य मंत्री सुमित गोदारा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और अन्य अतिथियों ने पौधारोपण भी किया। समारोह में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
